टैक्स दिए बिना दौड़ रहीं यूपी की बसें

104
Share

देहरादून। परिवहन समझौता होने के बावजूद उत्तर प्रदेश अपनी दादागिरी से बाज नहीं आ रहा है। सवा साल पूर्व हुए उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच परिवहन समझौते में यह तय हुआ था कि दोनों राज्य अपनी बसों का हर माह टैक्स परस्पर चुकाएंगे मगर उत्तर प्रदेश हर माह उत्तराखंड में तकरीबन डेढ़ करोड़ की टैक्स चोरी कर रहा है। उत्तराखंड से हर माह तय तिथि तक अपना टैक्स उत्तर प्रदेश में जमा कराया जा रहा। टैक्स चुकाए बिना दौड़ रहीं उत्तर प्रदेश की बसों के प्रकरण में अब सचिव परिवहन शैलेश बगोली ने उत्तर प्रदेश के परिवहन आयुक्त को पत्र भेजा है। सचिव ने लंबित टैक्स चुकाने और करार के मुताबिक परमिटों को लेकर प्रतिहस्ताक्षर को कहा है।
करीब 18 साल चली कसरत के बाद 29 अक्टूबर 2018 को उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश के बीच परिवहन करार हुआ था। इसमें तय हुआ था कि रोजाना उत्तर प्रदेश रोडवेज की बसें उत्तराखंड राज्य की सीमा में 216 मार्ग पर 2472 ट्रिप के साथ कुल एक लाख 39 हजार किमी चलेंगी। इसी क्रम में उत्तराखंड रोडवेज की बसें उत्तर प्रदेश राज्य की सीमा में रोजाना 335 मार्गों पर 1725 ट्रिप व दो लाख 52 हजार किमी की यात्रा करेंगी। इस करार में यह भी तय हुआ कि यूपी रोडवेज की बसें उत्तराखंड में हर माह अपना टैक्स जमा कराएंगी।
दरअसल, करार से पूर्व यूपी की बसें उत्तराखंड में टैक्स नहीं दे रही थीं, जबकि उत्तराखंड से हर माह यूपी को टैक्स चुकाया जा रहा था। यूपी को हर माह डेढ़ करोड़ रुपये टैक्स चुकाना होता है, लेकिन वह करार की शर्तों का अनुपालन नहीं कर रहा है। इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश ने करार के तहत परमिटों की संख्या पर प्रतिहस्ताक्षर तक नहीं किए हैं।

LEAVE A REPLY