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कालकाजी मंदिर हादसे के दो गुनहगार गिरफ्तार, जागरण में मंच गिरने से 17 हुए थे घायल; एक महिला की मौत
मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच के बाद पता चला था कि श्री कालकाजी सज्जा सेवादार मित्र मंडल की ओर से जागरण के लिए एप्लीकेशन दी गई थी। अनुमति मिले बिना ही आयोजनकर्ताओं ने जागरण आयोजित किया।
कालकाजी मंदिर परिसर में शनिवार आधी रात को माता जागरण के दौरान हुए हादसे के मामले में पुलिस ने लापरवाही से मौत के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इनकी पहचान तुगलकाबाद निवासी सतीश कुमार और कालकाजी निवासी अनुज मित्तल के रूप में हुई है। दोनों ही माता जागरण के आयोजनकर्ता हैं।
पुलिस बाकी लोगों के बयान दर्ज कर और लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। महंत परिसर की देखरेख करने वाले लोगों के अलावा टेंट हाउस, प्रमोटर और कार्यक्रम की प्रस्तुति देने वाले लोगों से पूछताछ कर मामले की छानबीन की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है मामले में अभी और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच के बाद पता चला था कि श्री कालकाजी सज्जा सेवादार मित्र मंडल की ओर से जागरण के लिए एप्लीकेशन दी गई थी। अनुमति मिले बिना ही आयोजनकर्ताओं ने जागरण आयोजित किया। इसके अलावा वहां पर जरूरत से ज्यादा भीड़ को बुलाया गया। मुख्य मंच के बराबर में बने ऊंचे मंच पर ज्यादा लोगों को बिठा दिया गया। क्षमता से अधिक भार होने की वजह से प्लेटफॉर्म जमींदोज हो गया और महिला की मौत हो गई।
बता दें कि कालकाजी मंदिर परिसर में शनिवार आधी रात को जागरण के दौरान मुख्य मंच के पास बना प्लेटफॉर्म अधिक भार की वजह से गिर गया था। हादसे में एक महिला की मौत होने के अलावा 17 लोग बुरी तरह जख्मी हो गए थे। घटना को लेकर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने दुख जताया था। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लापरवाही से मौत के अलावा सरकारी आदेश के उल्लंघन समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया था। दरअसल पुलिस से अनुमति लिए बिना ही जागरण का आयोजन किया जा रहा था। उसमें क्षमता से ज्यादा लोग वहां मौजूद थे।

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