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ईरान में लड़कियों का स्कूल जाना नहीं आ रहा रास, खाने में दिया जा रहा जहर
ईरान की महिलाएं व लड़कियां स्कूली शिक्षा न प्राप्त कर सकें इसके लिए उन्हें जहर दिया जा रहा है। खबरों की मानें तो तेहरान के कोम इलाके में महिलाओं के खाने में जहर मिलाकर दिया गया है ताकि महिलाएं स्कूल न जा सकें।
ईरान में 22 वर्षीय महिला महसा अमीनी की मौत के बाद से ईरान में हिजाब विरोधी प्रदर्शन अब भी जारी है। वहीं ईरान से अब महिलाओं पर हो रहे अत्याचार की एक और खबर आने लगी है। हालिया जानकारी के मुताबिक ईरान की महिलाएं व लड़कियां स्कूली शिक्षा न प्राप्त कर सकें इसके लिए उन्हें जहर दिया जा रहा है। खबरों की मानें तो तेहरान के कोम इलाके में महिलाओं के खाने में जहर मिलाकर दिया गया है ताकि महिलाएं स्कूल न जा सकें।
एएफपी का इस मामले पर कहना है कि ईरान के उप मंत्री का कहना है कि कुछ लोग गोली सिटी कोम में स्कूली छात्राओं को जहर दे रहे हैं। इसका मुख्य मकसद है कि लड़कियों को शिक्षा प्राप्त करने से रोका जाए। उप मंत्री युनूस पनाही ने इस बाबत पुष्टि करते हुए कहा है कि स्कूली छात्राओं को जानबूझकर जहर दिया गया है ताकि उन्हें शिक्षा से रोका जा सके। इस मामले पर मंत्री का कहना है कि कोम के स्कूलों में जहर की चपेट में कई लड़कियां आई हैं। कुछ लोग यह चाहते थे कि सभी स्कूलों को बंद कर दिया जाए खासकर लड़कियों के स्कूलो को।रेस्पिरेटरी पॉइजनिंग का है मामला
बता दें कि इस मामले में अबतक किसी की गिरफ्तारी नहीं की जा सकी है। वहीं कई अधिकारियों द्वारा इस बाबत जानकारी दी गई है कि लड़कियों को स्कूल जाने से रोकने के इरादे से उनके खाने में जहर मिलाकर दिया गया है। बता दें कि कोम स्थिति स्कूलों की छात्राओं में रेस्पिरेटरी पॉइजनिंग के कई मामले आए हैं। इसके बाद इलाज के लिए छात्राओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक खबर के मुताबिक ईरान के स्वास्थ्य अधिकारी का कहना है कि रसायनिक यौगिकों से बने इन जहरों की चपेट में आने के कारण स्कूल में बड़ी संख्या में लड़कियां बीमार हुई हैं।

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