केंद सरकार ने 33 IPS अफसरों को चयन किया है, जिन्हें केंद्र में डायरेक्टर जनरल और डीजी के बराबर स्तर के पदों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जाएगी

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केंद सरकार ने 33 IPS अफसरों को चयन किया है, जिन्हें केंद्र में डायरेक्टर जनरल और डीजी के बराबर स्तर के पदों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जाएगी। इसमें यूपी-बिहार समेत अलग-अलग राज्यों के IPS अफसरों के नाम शामिल हैं।
केंद्र सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 33 वरिष्ठ अधिकारियों को केंद्र में डायरेक्टर जनरल और डीजी के बराबर स्तर के पदों पर नियुक्ति के लिए मंजूरी दे दी है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने इन अधिकारियों के नामों को मंजूरी दी है। ये अधिकारी अलग-अलग राज्यों और कैडर से हैं और लंबे समय से पुलिस सेवा में काम कर रहे हैं।मंजूरी पाने वाले अधिकारियों में ओडिशा कैडर के सुधांशु सारंगी, उत्तर प्रदेश कैडर के राजीव कृष्ण, AGMUT कैडर के आनंद मोहन, डेविड लालरिनसांगा, देवेश चंद्र श्रीवास्तव, राजेश कुमार, सतीश श्रीरामाजी खंडारे और शिव दर्शन सिंह शामिल हैं। असम-मेघालय कैडर के ए. वाई. वी. कृष्णा और मुन्ना प्रसाद गुप्ता, बिहार कैडर के जग मोहन, पंकज कुमार दाराद, आर. मलारविझी और सुशील मान सिंह खोपड़े, हिमाचल प्रदेश कैडर के सतिंदर पाल सिंह और वेणुगोपाल एन. को भी मंजूरी मिली है।हरियाणा कैडर के संदीप खिरवार, झारखंड कैडर के संजय ए. लाठकर, महाराष्ट्र कैडर के नवल बजाज, मध्य प्रदेश कैडर की मीनाक्षी शर्मा और योगेश देशमुख, ओडिशा कैडर के पद्माकर एस. रानीपसे, पंजाब कैडर के अमित प्रसाद और कपिल देव भी सूची में शामिल हैं।राजस्थान कैडर के एम. एन. दिनेश और बीजू जॉर्ज जोसेफ, सिक्किम कैडर के विनीत विनायक, त्रिपुरा कैडर के पुनीत रस्तोगी, उत्तराखंड कैडर के दीपम सेठ और उत्तर प्रदेश कैडर के अमरेंद्र कुमार सेंगर, अनुपम कुलश्रेष्ठ, अशोक कुमार सिंह और विजय भाटिया को भी केंद्र में वरिष्ठ पदों के लिए चुना गया है।ये सभी अधिकारी 1990 से 1995 बैच के IPS अधिकारी हैं। केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद इन अधिकारियों को केंद्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलने का रास्ता साफ हो गया है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार में डीजी और समकक्ष स्तर के पदों पर नियुक्ति को पुलिस सर्विस में बेहद अहम माना जाता है। इन अफसरों को भविष्य में राष्ट्रीय जांच एजेंसियों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, खुफिया संगठनों और दूसरे अहम सुरक्षा संस्थानों में कमान दी जा सकती है। कानून-व्यवस्था प्रबंधन, प्रशासनिक अनुभव और सुरक्षा संबंधी मामलों में उनकी विशेषज्ञता के मद्देनजर इन अफसरों का चयन किया गया है।