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रुड़की। नगर निगम कर्मचारियों ने गुरुवार को हड़ताल कर दी। कर्मचारियों ने पुलिस की कार्यशैली से नाराज होकर यह कदम उठाया है। कर्मचारियों का कहना था कि यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ कोई मुकदमा होता है तो पुलिस पहले उसकी जांच करें। निगम अधिकारियों को इसकी सूचना दी जाए, लेकिन पुलिस ने बहाने से कर्मचारी को बुलाया और उसे जेल भेज दिया। इसी तरह से दो और कर्मचारियों को जेल भेजना चाह रही है।
इस दौरान कर्मचारियों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद जुलूस के रूप में कोतवाली पहुंचे। कर्मचारियों ने पहले कोतवाली इंस्पेक्टर से वार्ता की। इसके बाद एसपी देहात के समक्ष अपनी बात रखी। संतोषजनक आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल वापस ले ली। एक मकान को किरायेदार के नाम कर देने एवं फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए जाने के मामले में कोतवाली रुड़की में मुकदमा दर्ज है। एसआइटी की जांच के बाद एसएसपी के निर्देश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने एक सप्ताह पूर्व मामले में नगर निगम के कर अनुभाग कर्मचारी शिवकुमार कश्यप को गिरफ्तार किया था। अब पुलिस मृत्यु प्रमाण पत्र मामले में भी एक कर्मचारी को गिरफ्तार करने की तैयार में है। पुलिस की कार्यशैली से नाराज होकर गुरुवार को कर्मचारी भड़क गए। कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया और हड़ताल कर दी। उन्होंने पहले नगर निगम परिसर में पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद सभी एकत्रित होकर कोतवाली रुड़की पहुंचे। पूर्व महापौर यशपाल राणा भी कर्मचारियों की ओर से कोतवाली पहुंच गए। पूर्व महापौर और कर्मचारियों ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह से वार्ता की। अमरजीत सिंह ने कहा कि एसआइटी मामले की जांच कर चुकी है। इसके बाद मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके बाद कर्मचारियों ने एसपी देहात एसके सिंह से वार्ता की। एसपी देहात ने कहा कि सबूतों के आधार पर कार्रवाई होगी। यदि किसी कर्मचारी की गिरफ्तारी होती है तो निगम अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। एसपी देहात के आश्वासन पर कर्मचारियों ने हड़ताल वापस ले ली। इस मौके पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विक्रांत सिरोही, धनप्रकाश शर्मा, सनाती बिरला, दिनेश, पिकी, रमेश गुप्ता, अनुज, अजहर, अमित सिघल, जनक, मृदुल कुमार, सलीम, फैजान, रवि सहित अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।

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