एजेंसी न्यूज
नैनीताल। हम समझते हैं कि ब्रह्मांड ऐसा ही है, जैसा हम इसे देखते हैं। मगर हकीकत में इसका संचालन करने वाली महाशक्ति का एक नाम डार्क एनर्जी है। जिसे लेकर वैज्ञानिकों का नया शोध बताता है कि समय के साथ डार्क एनर्जी में बदलाव आता है। यह स्थिर न होकर गतिशील हो सकती है।
पहले विज्ञान का नियम था कि डार्क एनर्जी ब्रह्मांड में स्थिर रहती हैं और ब्रह्मांड का संचालन विकास स्थिर रहकर करती है, लेकिन अब यह धारणा बदल सकती है। वैज्ञानिकों ने इसका खुलासा आईए सुपरनोवा विस्फोटों के जरिए किया है। आईए सुपरनोवा ब्रह्मांड में एक खास प्रकार के तारों में होने वाले विस्फोट है। वैज्ञानिकों ऐसे लगभग दो हजार सुपरनोवा का अध्ययन किया। शोध में संकेत मिले हैं कि डार्क एनर्जी कोई स्थिर शक्ति नहीं है, बल्कि समय के साथ इसमें बदलाव हो सकता है।
वैज्ञानिकों ने तीन दशक के टाइप-आईए सुपरनोवा के आंकड़े जुटाए। साथ ही इन आंकड़ों की तुलना बिग बैंक के दौरान बचे प्रकाश और आकाशगंगाओं के विकास से की। इस तुलनात्मक अध्ययन में पता चला कि डार्क एनर्जी स्थिर नहीं है, बल्कि समय के साथ इसमें बदलाव आ रहा है। इस अध्ययन में सुपरनोवा के प्रकाश पर अंतरिक्षीय धूल, आकाशगंगाओं के द्रव्यमान और गुरुत्वीय लेंसिंग जैसे प्रभावों को भी ध्यान में रखा।
दरअसल आईए टाइप के सुपरनोवा विस्फोटों में निकलने वाली चमक यानी रोशनी एक समान होती है। जिसके चलते वैज्ञानिकों ने एक जैसे दो हजार सुपरनोवा का डेटा एकत्र किया। इनके अध्ययन से ब्रह्मांड का विस्तार और आकाशगंगाओं के बीच की दूरी का पता लगाया का सकता है। डार्क एनर्जी ब्रह्मांड का अभिन्न हिस्सा है, जो इसके विस्तार में अहम भूमिका निभाता है। डार्क एनर्जी अभी भी अदृश्य है और वैज्ञानिकों के लिए एक जटिल पहेली बनी हुई है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि हम इस पहेली को सुलझा लें तो आइंस्टीन के गुरुत्वाकर्षण सिद्धांत और क्वांटम भौतिकी को एक साथ समझने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति संभव हो सकती है। यह शोध फ्रांस और ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने किया है, जो विज्ञान मासिक पत्रिका रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी में प्रकाशित हुआ है।
आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के वरिष्ठ खगोल वैज्ञानिक डा शशिभूषण पांडे कहते हैं कि की डार्क एनर्जी को लेकर हुआ यह शोध ब्रह्मांड की सबसे बड़ी शक्तियों की शुरूआत कहा जा सकता है। इस शोध से कुछ हद तक डार्क एनर्जी को समझना आसान हो सकता है, लेकिन अभी ब्रह्मांड की महाशक्ति डार्क मैटर जैसे रहस्य भी हम नहीं जान पाये हैं। जिसे समझने में अभी लंबा समय लगेगा।











