नरेंद्र मोदी ने पहले ही देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया

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नरेंद्र मोदी ने पहले ही देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इसी कड़ी में हाई लेवल मीटिंग के दौरान केद्रीय मंत्रालय और विभागों के सचिवों के साथ कामकाज में सुधारों की समीक्षा की संभावना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के सचिवों की हाई लेवल बैठक बुलाई है। इस बैठक में लोगों के जीवन और व्यापार सुगमता को बेहतर बनाने के इरादे से की गई सुधार पहलों की समीक्षा के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि बैठक में कुछ सचिव अपने-अपने मंत्रालयों पर प्रस्तुतियां देंगे, जिनमें कामकाज के साथ-साथ विभिन्न सुधार उपायों और जन-केंद्रित कदमों पर हुई प्रगति का विवरण दिया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जब देश ब्रिटिश सत्ता से आजादी के 100 साल पूरे होने का जश्न मनाएगा। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री सचिवों के साथ अगली पीढ़ी के सुधारों की समीक्षा करेंगे, जिनके जरिये सरकार लोगों के जीवन को अधिक आरामदायक बनाने के साथ-साथ व्यापार सुगमता सुनिश्चित करना चाहती है। मोदी सचिवों को शासन और क्रियान्वयन पर ध्यान केंद्रित रखने और यह सुनिश्चित करने की सलाह दे सकते हैं कि सरकारी कार्यों, खास तौर पर जन-केंद्रित पहलों में कोई ढिलाई या देरी न हो। पीएम मोदी ने इससे पहले अगले 10 सालों के लिए सुधार प्राथमिकताओं की रूपरेखा तैयार की थी। उन्होंने दावा किया था कि उनकी सरकार की ‘सुधार एक्सप्रेस’ व्यवस्थागत बदलाव लेकर आई है और नागरिकों को महत्वपूर्ण रूप से लाभ पहुंचाया है। बैठक में इस बात पर ध्यान दिया जा सकता है कि वित्त वर्ष 2025-26 में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर 7.7 फीसदी और चौथी तिमाही में 7.8 प्रतिशत रही। जनवरी-मार्च तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो मजबूत घरेलू मांग और सरकारी व्यय के कारण पूर्वानुमानों से अधिक थी। ‘जीवन की सुगमता’ और ‘व्यापार सुगमता’ को बढ़ावा
जीडीपी में वृद्धि पिछले साल की तुलना में 7 प्रतिशत अधिक रही। स्वस्थ उपभोग और मजबूत निवेश गतिविधियों के कारण पूरे वर्ष की वृद्धि दर वित्त वर्ष 2024-25 के 7.1 प्रतिशत से बढ़कर 7.7 प्रतिशत हो गई। पीएम मोदी ने 21 जून को मंत्रिपरिषद की बैठक में कहा था कि सरकार ‘जीवन की सुगमता’ और ‘व्यापार सुगमता’ को बढ़ावा देने तथा युवाओं के लिए अवसरों में वृद्धि करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी। बैठक में पीएम मोदी के दो प्रधान सचिव भी हो सकते हैं शामिल
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन सुधार पहलों की एक व्यापक रूपरेखा पेश की थी, जिनके माध्यम से देश 2047 तक विकसित राष्ट्र बन सकेगा। पीएम मोदी ने मंत्रियों को बार-बार संदेश दिया कि उनका लक्ष्य और उद्देश्य हमेशा लोगों के लिए ‘जीवन की सुगमता’ सुनिश्चित करना होना चाहिए। सचिवों की बैठक में उन्हें भी इसी तरह का संदेश दिए जाने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि बैठक में प्रधानमंत्री के दो प्रधान सचिव पीके मिश्रा और शक्तिकांत दास तथा कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन के भी शामिल होने की संभावना है।