कराची में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर एयर स्ट्राइक कर दी

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कराची में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर एयर स्ट्राइक कर दी। इस एयर स्ट्राइक में कई अफगान नागरिकों की मौत हो गई है। पाकिस्तान की इस एयर स्ट्राइक को लेकर भारत की प्रतिक्रिया सामने आई है।
पाकिस्तान ने देर रात अफगानिस्तान पर हवाई हमले कर दिए। पाकिस्तान के इस हमले में कई अफगानिस्तानी नागरिकों की मौत हो गई। इसमें कई महिलाएं और बच्चे भी हैं। वहीं अब इस एयर स्ट्राइक को लेकर भारत ने एक बयान जारी किया है। भारत ने इस एयर स्ट्राइक की निंदा की है और इसे अफगानिस्तान की संप्रभुता पर हमला बताया है। भारत ने कहा कि पाकिस्तान का गैर जिम्मेदाराना व्यवहार अंदरूनी नाकामियों को दूसरे पर मढ़ने की कोशिश है। भारत ने उन अफगानी नागरिकों के प्रति संवेदना व्यक्त की, जिन्होंने इस एयर स्ट्राइक में अपने परिजनों को खो दिया।विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “भारत अफगानिस्तान के इलाके में पाकिस्तान के हवाई हमलों की कड़ी निंदा करता है, जिनमें महिलाओं और बच्चों समेत कई आम नागरिकों की जान गई है। पाकिस्तान की यह खुली आक्रामकता अफगानिस्तान की संप्रभुता पर हमला है और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता के लिए सीधा ख़तरा है। यह पाकिस्तान के लगातार गैर-ज़िम्मेदाराना व्यवहार और अपनी सीमाओं के बाहर हिंसा की हताशपूर्ण हरकतों के जरिए अपनी अंदरूनी नाकामियों को दूसरों पर मढ़ने की बेकार कोशिश को दिखाता है। भारत उन अफगान परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता है जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है और घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता है और अफगानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए अपने अटूट समर्थन को दोहराता है।” अफगान सूत्रों का कहना है कि आधी रात के बाद हुए कई हमलों में बच्चों और बुजुर्गों समेत 35 से ज्यादा आम नागरिक मारे गए। यह कार्रवाई कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के क्षेत्रीय मुख्यालय पर चरमपंथियों के हमले के एक दिन बाद हुई। इस्लामाबाद ने इस हमले के लिए अफगानिस्तान की जमीन से काम कर रहे चरमपंथी समूहों को जिम्मेदार ठहराया है। पाकिस्तान का कहना है कि इन हमलों में चरमपंथियों के ठिकानों को निशाना बनाया गया और सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने दावा किया कि इस कार्रवाई में 29 चरमपंथी मारे गए। हालांकि, अफगान सूत्रों ने पाकिस्तान के इस दावे को गलत बताया है। उनका आरोप है कि रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया और मारे गए लोग हथियारबंद चरमपंथी नहीं, बल्कि आम नागरिक थे।