भस्त्रिका प्राणायाम मलाइका अरोड़ा की फिटनेस रूटीन का अहम हिस्सा

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मलाइका अरोड़ा अपनी फिटनेस के लिए जानी जाती हैं। वह अक्सर अपने सोशल मीडिया पर प्राणायाम और योग के बारे में बताती रहती हैं। ऐसे में फैंस उनकी टोन्ड बॉडी का राज जानना चाहते हैं। यहां हम 3 ऐसे एक्सरसाइज के बारे में बताने जा रहे हैं जो मलाइका की फिटनेस का राज माना जाता है।
मलाइका अरोड़ा किसी पहचान की मौहताज नहीं हैं। उनकी गिनती इंडस्ट्री की सबसे फिट एंड ग्लैमरस एक्ट्रेस में की जाती है। मलाइका एक फिटनेस फ्रीक हैं और वो अपनी फिटनेस का खास ध्यान रखती हैं। मलाइका की फिट एंड टोन्ड फिगर देख फैंस के मन में अक्सर ये सवाल आता है कि मलाइका फिट रहने के लिए क्या करती हैं। तो आपको बता दें कि मलाइका खुद को फिट एंड एक्टिव रखते हैं जिम में वर्कआउट तो करती ही हैं साथ ही योग भी करती हैं। मलाइका का मानना है कि योग न केवल आपको शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी फिट रखता है। मलाइका सोशल मीडिया पर अक्सर फैंस को फिट रहने के लिए मोटिवेट करती रहती हैं। यहां हम ऐसे 3 योगासन के बारे में बताने जा रहे हैं जो मलाइका की फिटनेस का राज है। चलिए जानते हैं।
भस्त्रिका प्राणायाम
भस्त्रिका प्राणायाम मलाइका अरोड़ा की फिटनेस रूटीन का अहम हिस्सा है। मलाइका अक्सर अपने सोशल मीडिया पर योग और प्राणायाम के फायदों को शेयर करती हैं। उन्होंने इस योग के बारे में भी बताया है। भस्त्रिका प्राणायाम में तेजी से सांस अंदर ली और बाहर छोड़ी जाती है। भस्त्रिका प्राणायाम शरीर में अग्नि तत्व को बढ़ाता है, जिससे मेटाबॉलिज्म तेज़ होता है। यह कैलोरी बर्न करने और वेट मैनेजमेंट में बहुत मदद करता है। तेजी से सांस लेने और छोड़ने से शरीर में ऑक्सीजन का फ्लो बढ़ता है और टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते हैं। यही वजह है कि मलाइका की स्किन हमेशा ग्लो करती है।
कपालभाति
मलाइका रोजाना कपालभाति भी करती हैं। यह पेट की मांसपेशियों को टोन करता है और बेली फैट कम करने में मदद करता है। जैसा कि इसके नाम का मतलब है (कपाल = माथा, भाति = चमक), यह शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालता है जिससे चेहरे पर नेचुरल ग्लो आता है। यह पेट के अंगों को उत्तेजित करता है, जिससे डाइजेशन सुधरता है। इससे शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ता है, जिससे आप दिनभर एक्टिव महसूस करते हैं।
अनुलोम-विलोम
अनुलोम-विलोम प्राणायाम मलाइका की डेली रूटीन का एक बेहद अहम हिस्सा है। मलाइका के अनुसार, यह प्राणायाम न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य के लिए, बल्कि मानसिक शांति के लिए भी कमाल का काम करता है। यह माइंड को शांत करता है और स्ट्रेस हार्मोन को कम करने में मदद करता है। इससे फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है और शरीर में ऑक्सीजन का फ्लो बेहतर होता है। जब शरीर में ऑक्सीजन का स्तर सुधरता है और टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं, तो इसका सीधा असर त्वचा की चमक पर दिखता है।