लखनऊ।उत्तर प्रदेश में कोविड संक्रमण एक बार फिर दस्तक देने लगा है। गाजियाबाद और नोएडा के बाद अब जालौन निवासी एक व्यक्ति एम्स दिल्ली में कोविड पॉजिटिव पाया गया है। मरीज की पहचान के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है और उसकी यात्रा इतिहास की गहन जांच की जा रही है। हालांकि, चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान वैरिएंट में घबराने जैसी कोई बात नहीं है, क्योंकि इसके लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे हैं और अधिकतर मरीज अपने आप ठीक हो रहे हैं।
राज्य में बढ़ी सतर्कता, सभी अस्पतालों को दिए गए निर्देश
प्रदेश में कोविड के नए मामलों की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को सतर्क कर दिया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशालय की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं कि सभी अस्पतालों में कोविड जांच, आइसोलेशन बेड, चिकित्सकीय उपकरण और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। संभावित मरीजों की जांच और लक्षणों की निगरानी को लेकर भी टीमों को सक्रिय किया गया है।
गाजियाबाद, नोएडा में पहले ही सामने आ चुके हैं मामले
ज्ञात हो कि दो दिन पहले गाजियाबाद में चार मरीज कोविड पॉजिटिव पाए गए थे। इन मरीजों में सर्दी-जुकाम और गले में खराश जैसे लक्षण थे, जिन्हें एहतियात के तौर पर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद नोएडा में एक मरीज संक्रमित पाया गया, जो हाल ही में बेंगलुरु से लौटा था। अब, जालौन के मरीज के एम्स दिल्ली में पॉजिटिव पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग कांटैक्ट ट्रेसिंग और सफर की जानकारी जुटाने में जुटा है।
मौसमी बदलाव में तेजी से फैल सकता है वायरस
चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा कोविड वैरिएंट सीजनल फ्लू जैसा है और इसका संक्रमण मौसम बदलने के कारण बढ़ सकता है। डॉ. नीरज कुमार, वरिष्ठ फिजिशियन ने बताया कि “ज्यादातर मरीजों को हल्की खांसी, नाक बहना और बुखार जैसे लक्षण हैं, जो तीन से पांच दिन में बिना किसी विशेष दवा के ठीक हो जाते हैं। हां, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को थोड़ा ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।”
स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद
प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने भी स्पष्ट किया है कि कोविड को लेकर विभाग पूरी तरह तैयार है। जांच, दवा, ऑक्सीजन और बेड की पर्याप्त व्यवस्था सभी जिलों में की जा चुकी है। हर जिले में एक नोडल अधिकारी को नामित किया गया है, जो कोविड से जुड़ी तैयारियों की निगरानी करेगा।
जनता को नहीं घबराने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने जनता से घबराने की बजाय सतर्कता बरतने की अपील की है। सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनना, हाथ धोना, और सामाजिक दूरी बनाए रखना अभी भी लाभदायक है। विभाग की ओर से यह भी बताया गया है कि यदि किसी को लक्षण महसूस हों, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच कराएं।
सावधानी ही बचाव: अपनाएं ये सुझाव
- हल्की सर्दी-जुकाम भी हो तो तुरंत जांच कराएं
- घर में बुजुर्ग या बीमार व्यक्ति हों, तो अधिक सतर्क रहें
- सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का प्रयोग करें
- बार-बार हाथ धोने और सैनिटाइजर के इस्तेमाल की आदत डालें
- भीड़भाड़ वाले इलाकों में अनावश्यक जाने से बचें
कोविड की वर्तमान स्थिति भले ही चिंताजनक न हो, लेकिन एहतियात ही सबसे बड़ा उपाय है। प्रदेश सरकार की सजगता और स्वास्थ्य विभाग की तत्परता से यह संक्रमण नियंत्रण में रहेगा, लेकिन जनसहयोग अनिवार्य है। जैसा कि विशेषज्ञ कह रहे हैं, यह फ्लू जैसा संक्रमण है, जो सतर्कता से टल सकता है।











