नोएडा की इंटरनेशनल फिल्म सिटी का जून से शुरू होगा निर्माण, सीएम योगी करेंगे शिलान्यास
संवाददाता, नोएडा। उत्तर प्रदेश को फिल्म निर्माण का अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम जल्द ही धरातल पर उतरने जा रहा है। नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे के पास प्रस्तावित इंटरनेशनल फिल्म सिटी का निर्माण कार्य अगले माह जून से शुरू होने जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे, जिसके लिए तैयारियां जोरों पर हैं।
राज्य सरकार द्वारा चयनित बेव्यू प्रोजेक्ट्स एलएलपी, जिसे मशहूर फिल्म निर्माता बोनी कपूर के समूह से जोड़ा जा रहा है, ने जमीन से जुड़ी सभी प्राथमिक तैयारियों को लगभग पूरा कर लिया है। कंपनी ने बताया है कि वह आने वाले दो-तीन दिनों में निर्माण योजना का प्रस्ताव अधिकृत रूप से दाखिल कर देगी। योजना को हरी झंडी मिलते ही, निर्माण कार्य औपचारिक रूप से आरंभ कर दिया जाएगा।
परियोजना की नींव में दिख रही है विकास की तस्वीर
फिल्म सिटी का निर्माण तीन चरणों में पूरा किया जाएगा और इसका लक्ष्य है कि आठ वर्षों के भीतर यह पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाए। परियोजना के पहले चरण में 13 से 14 अत्याधुनिक फिल्म साउंड स्टूडियो और एक विशाल फिल्म संस्थान (फिल्म इंस्टीट्यूट) की स्थापना की जाएगी, जिसका निर्माण लगभग तीन लाख वर्ग मीटर क्षेत्रफल में किया जाएगा।
बेव्यू प्रोजेक्ट्स एलएलपी के जनरल मैनेजर राजीव अरोड़ा ने बताया, “हमारी टीम पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य में जुटी है। भूमि का जियो-टेक्निकल सर्वे लगभग पूरा हो चुका है। भूमि समतलीकरण, साइट की सफाई और सड़क निर्माण जैसे कार्य तेजी से प्रगति पर हैं। जैसे ही हमें बिल्डिंग प्लान की स्वीकृति मिलती है, निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत कर दी जाएगी।”
सीएम योगी की फिल्म सिटी पर विशेष दृष्टि
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश को “नए भारत का सांस्कृतिक केंद्र” बनाने के अपने विजन के तहत इस फिल्म सिटी को अत्यंत महत्वपूर्ण मानते हैं। फिल्म सिटी के माध्यम से राज्य में हजारों युवाओं को रोजगार, स्थानीय प्रतिभाओं को मंच, और सांस्कृतिक पर्यटन को बल मिलने की संभावना है। सरकार का मानना है कि मुंबई और हैदराबाद के बाद नोएडा भारत की तीसरी फिल्म राजधानी के रूप में उभर सकता है।
यमुना एक्सप्रेसवे पर तैयार हो रहा सिनेमा का अंतरराष्ट्रीय मंच
यह फिल्म सिटी यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के सेक्टर-21 में विकसित की जा रही है। यह स्थान जेवर एयरपोर्ट, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर जैसी राष्ट्रीय परियोजनाओं से जुड़ाव के कारण रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यहां विकसित होने वाली सुविधाओं में फिल्म स्टूडियोज, पोस्ट-प्रोडक्शन हब, ओपन शूटिंग लोकेशंस, थीम आधारित ग्रीन स्पेस, होटल्स, रिसॉर्ट्स, मल्टीप्लेक्स थिएटर, और पर्यटकों के लिए अनुभवात्मक संग्रहालय जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी।
परियोजना से 50 हजार से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार
योजना को लेकर सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट है। इस परियोजना के माध्यम से करीब 50,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसमें न केवल कलाकार, निर्देशक और तकनीशियन जैसे फिल्म क्षेत्र के पेशेवरों को मौका मिलेगा, बल्कि कैटरिंग, परिवहन, प्रकाश व्यवस्था, परिधान निर्माण, सेट डेकोरेशन आदि क्षेत्र के लाखों छोटे कारोबारियों को भी नई उड़ान मिलेगी।
बॉलीवुड के लिए नया गढ़ बनेगा नोएडा
राज्य सरकार को उम्मीद है कि यह फिल्म सिटी मुंबई के फिल्म उद्योग का एक प्रमुख विकल्प बनकर उभरेगी। खासतौर से तब जब देश-विदेश की कई बड़ी फिल्म निर्माण कंपनियों ने यहां निवेश की रुचि जताई है। उत्तर भारत की विविध संस्कृति, जलवायु और विरासत से भरपूर लोकेशनों के चलते यह क्षेत्र न केवल भारतीय बल्कि विदेशी सिनेमा के लिए भी आदर्श स्थल बन सकता है।
सरकारी मंजूरियों की प्रक्रिया तेज
यमुना प्राधिकरण के अनुसार, परियोजना से संबंधित सभी जरूरी अनुमतियों को त्वरित प्रक्रिया के तहत पारित किया जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित किया गया है कि निवेशकों को किसी प्रकार की नौकरशाही बाधा का सामना न करना पड़े। सरकारी मशीनरी से लेकर स्थानीय प्रशासन तक, सब कुछ एक समन्वित ढांचे में कार्य कर रहा है।
“शूटिंग ही नहीं, प्रशिक्षण का भी बनेगा केंद्र”
फिल्म सिटी के भीतर बनने वाला फिल्म इंस्टीट्यूट युवाओं को सिनेमा की शिक्षा, अभिनय, निर्देशन, फिल्म लेखन, संपादन, कैमरा संचालन, ध्वनि इंजीनियरिंग जैसी तकनीकों का व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करेगा। इससे नोएडा केवल शूटिंग का स्थान नहीं बल्कि एक पूर्ण फिल्म अकादमिक केंद्र के रूप में भी पहचाना जाएगा।
उत्तर प्रदेश की विकास गाथा में एक नया अध्याय
नोएडा की यह फिल्म सिटी परियोजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की परिवर्तनकारी योजनाओं का एक और उदाहरण है। ‘एक जनपद एक उत्पाद’, ‘विनिर्माण हब’, ‘बुद्ध सर्किट’, ‘बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे’, ‘डिफेंस कॉरिडोर’ जैसी योजनाओं के साथ यह परियोजना राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में सहायक होगी।











