आईआईएफटी ने दुबई में पहला विदेशी परिसर खोलकर वैश्विक उपस्थिति का विस्तार किया

144
Share

 PIB दिल्ली, 16 मई 2025-भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (IIFT), जो वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त निकाय है, ने संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में अपना पहला विदेशी परिसर स्थापित करने की ऐतिहासिक घोषणा की है। यह कदम न केवल संस्थान की वैश्विक उपस्थिति का विस्तार है, बल्कि भारत की अंतरराष्ट्रीय व्यापार शिक्षा में सक्रिय भूमिका को भी मजबूती प्रदान करता है।

यह उपलब्धि शिक्षा मंत्रालय से मंजूरी, विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय, और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से अनापत्ति प्रमाणपत्र मिलने के बाद संभव हुई। यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अंतरराष्ट्रीयकरण और वैश्विक शिक्षण केंद्रों के निर्माण के लक्ष्य को साकार करता है।

भारत की शैक्षणिक वैश्विकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने इस सफलता पर खुशी जताई और कहा:

“यह आईआईएफटी की प्रतिबद्धता और भारत-यूएई के बीच मजबूत साझेदारी का प्रमाण है। नया परिसर भविष्य के व्यावसायिक नेताओं को गढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”

आईआईएफटी का दुबई परिसर — वैश्विक व्यापार शिक्षा का केंद्र

वाणिज्य सचिव श्री सुनील बर्थवाल ने कहा कि यह भारत के लिए गर्व का विषय है कि एक ऐसे देश में उच्चस्तरीय व्यापार शिक्षा का केंद्र स्थापित हो रहा है जो वैश्विक व्यापार में अग्रणी भूमिका निभाता है। उन्होंने आईआईएफटी के 62 वर्षों के इतिहास में इस कदम को मील का पत्थर बताया और निर्यात को बढ़ावा देने में संस्थान की भूमिका की सराहना की।

कुलपति प्रो. राकेश मोहन जोशी की प्रतिबद्धता

आईआईएफटी के कुलपति प्रो. जोशी ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह नया परिसर आईआईएफटी को विश्वस्तरीय संस्थान बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने शिक्षा मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय, गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, यूएई के भारतीय दूतावास और यूजीसी का धन्यवाद करते हुए शैक्षणिक और आर्थिक कूटनीति को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

दुबई परिसर का महत्व

  • यह परिसर यूएई और भारत के बीच बढ़ते शैक्षणिक सहयोग का प्रतीक है।
  • यह भारतीय मूल्यों और अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ वैश्विक व्यापार के नेताओं को विकसित करने के लिए एक रणनीतिक केंद्र बनेगा।
  • यह क्षेत्रीय और वैश्विक भारतीय छात्रों व शिक्षार्थियों की आवश्यकताओं को पूरा करेगा।
  • खाड़ी क्षेत्र में भारत की शिक्षा उपस्थिति को मजबूत करेगा।

आईआईएफटी का भविष्य

आईआईएफटी लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय व्यापार के क्षेत्र में नेतृत्व कर रहा है। दुबई परिसर के शुभारंभ के साथ, यह संस्थान अब भारतीय शिक्षा की विरासत को वैश्विक मंच पर नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

संक्षेप में, आईआईएफटी का दुबई में पहला विदेशी परिसर खोलना भारत की शिक्षा नीति के वैश्विककरण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और विश्वव्यापी व्यापार शिक्षा में बढ़ती भूमिका का प्रतीक है। यह कदम भारत-यूएई साझेदारी को भी और मजबूत करेगा और वैश्विक व्यापार शिक्षा के क्षेत्र में भारत की छवि को चमकाएगा।