भुज, गुजरात, 16 मई।देश की रक्षा और आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई को लेकर आज भुज एयरफोर्स स्टेशन से रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने देश-दुनिया को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई अब केवल सुरक्षा नीति नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा सिद्धांत का हिस्सा बन चुकी है।” उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि “हमारी कार्रवाई तो सिर्फ ट्रेलर थी, अगर जरूरत पड़ी तो पूरी फिल्म दिखाई जाएगी।”
ऑपरेशन सिंदूर: भारत की निर्णायक सैन्य कार्यवाही
रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी समाप्त नहीं हुआ है।
उन्होंने इस ऑपरेशन को “आतंकवाद के खिलाफ नई नीति की शुरुआत” बताया और कहा—
“जब भारत की वायुसेना ने दुश्मन के इलाके में 23 मिनट में आतंक के ढांचों को ध्वस्त कर दिया, तब दुनिया ने भारत के पराक्रम की गूंज सुनी।“
उन्होंने वायुसेना की सर्जिकल स्ट्राइक-समान कार्यवाही की प्रशंसा करते हुए इसे भारतीय रक्षा नीति में आए परिवर्तन का प्रत्यक्ष उदाहरण बताया।
“ट्रेलर अभी चला है, अगर जरूरत पड़ी तो पूरी फिल्म दिखेगी”
राजनाथ सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा:
“आतंकवाद पर हमला करना और उसे जड़ से खत्म करना अब नए भारत की ‘नई सामान्य बात’ है।“
उन्होंने पाकिस्तान को चेताते हुए कहा कि वर्तमान युद्धविराम भारत की सहनशीलता का परिचायक है, न कि कमजोरी का। अगर पाकिस्तान के व्यवहार में सुधार नहीं हुआ, तो कड़ी कार्रवाई तय है।
पाकिस्तान को आईएमएफ सहायता पर पुनर्विचार का आह्वान
रक्षा मंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से पाकिस्तान को दी जा रही एक अरब डॉलर की वित्तीय सहायता पर पुनर्विचार की मांग की। उन्होंने कहा—
“पाकिस्तान उस धन का प्रयोग आतंकवादी संगठनों जैसे जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के ढांचे के पुनर्निर्माण में कर रहा है।“
“क्या यह IMF द्वारा अप्रत्यक्ष आतंकी वित्तपोषण नहीं है?“
उन्होंने पाकिस्तान द्वारा मसूद अजहर को ₹14 करोड़ देने और मुरीदके व बहावलपुर में आतंकी शिविरों के पुनर्निर्माण की योजनाओं का उदाहरण देकर कहा कि—
“भारत IMF को दी जाने वाली धनराशि का उपयोग आतंक के लिए स्वीकार नहीं करेगा।“
“भारतीय वायुसेना की मिसाइलों ने दुश्मन को दिन में तारे दिखा दिए”
रक्षा मंत्री ने भारतीय वायुसेना की क्षमता का बखान करते हुए कहा कि—
“हमारे फाइटर जेट बिना सीमा पार किए भी पाकिस्तान के किसी भी कोने पर सटीक हमला कर सकते हैं।“
उन्होंने यह भी कहा कि भारत अब केवल आयातित हथियारों पर निर्भर नहीं है, बल्कि भारतीय हथियार प्रणालियां — जैसे ब्रह्मोस, आकाश मिसाइल, रडार सिस्टम, ड्रोन व काउंटर ड्रोन — भारतीय सैन्य ताकत की रीढ़ बन चुकी हैं।
“हम आयातक से निर्यातक बने हैं” — रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता
रक्षा मंत्री ने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत रक्षा उत्पादन को मिली गति को रेखांकित करते हुए कहा:
“आज भारत आर्टिलरी, मिसाइल शील्ड, रडार सिस्टम और ड्रोन का निर्यात कर रहा है। यह तो बस शुरुआत है।“
उन्होंने कहा कि स्वदेशी हथियार प्रणाली न केवल अभेद्य है बल्कि आधुनिक तकनीक से लैस है, जिससे भारतीय सेनाओं की युद्धक क्षमता कई गुना बढ़ गई है।
जवानों में जोश और देशभक्ति का उच्चतम स्तर
भुज में वायुसैनिकों से संवाद से पहले रक्षा मंत्री ने श्रीनगर के बादामी बाग कैंट में सेना के जवानों से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा—
“मैंने दोनों मोर्चों पर जवानों में राष्ट्रभक्ति और साहस की पराकाष्ठा देखी। ऑपरेशन सिंदूर हमारे जवानों के शौर्य और बलिदान का प्रतीक है।“
?? भुज: भारत की वीरगाथाओं का साक्षी
श्री सिंह ने कहा—
“भुज 1965, 1971 और अब 2025 में पाकिस्तान पर भारत की निर्णायक जीतों का गवाह है। यह भूमि भारतभक्ति की धरती है।“
उन्होंने वायुसेना और बीएसएफ के वीर सैनिकों को राष्ट्र सेवा के लिए नमन किया और कहा कि सरकार उन्हें आधुनिक हथियार और सर्वोत्तम सुविधाएं प्रदान करने के लिए संकल्पबद्ध है।
रक्षा मंत्री का स्पष्ट संदेश: “आतंकवाद का अंत तय है”
रक्षा मंत्री ने दो टूक लहजे में कहा—
“भारत की जनता, सरकार, सेनाएं और सुरक्षा एजेंसियां एकजुट हैं। हर नागरिक इस लड़ाई में एक सैनिक की तरह है।“
“हम आतंकवाद को जड़ से मिटा देंगे, और कोई भी भारत की संप्रभुता पर बुरी नजर नहीं डाल पाएगा।“
श्रद्धांजलि और संवेदना
रक्षा मंत्री ने पहलगाम हमले में मारे गए निर्दोष नागरिकों और ऑपरेशन सिंदूर में बलिदान देने वाले जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने घायल सैनिकों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
भुज से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का यह संबोधन न केवल पाकिस्तान को एक स्पष्ट चेतावनी है, बल्कि यह भारत के नए आत्मविश्वास, रणनीतिक आक्रामकता और सैनिक क्षमता का घोषणापत्र भी है। अब भारत आतंकवाद के खिलाफ सिर्फ प्रतिक्रियाशील नहीं, निर्णायक और नीतिगत रूप से तैयार है।











