राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2025 की थीम घोषित, ‘यंत्र’ बनेगा नवाचार और अनुसंधान का प्रतीक

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नई दिल्ली। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के अंतर्गत प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) ने शनिवार को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2025 के लिए आधिकारिक थीम की घोषणा कर दी। इस वर्ष की थीम होगी – “यंत्र – नई प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और त्वरण को आगे बढ़ाने के लिए युगांतर”।

‘यंत्र’ शब्द की सांस्कृतिक और वैज्ञानिक गहराई को मिली मान्यता

थीम में प्रयुक्त ‘यंत्र’ शब्द भारतीय विज्ञान, संस्कृति और दर्शन में गहराई से जुड़ा हुआ है। यह न केवल यांत्रिक और तकनीकी जटिलता का प्रतिनिधित्व करता है, बल्कि नवाचार, तालमेल और समाधान पर आधारित प्रणाली के रूप में भी देखा जाता है। वहीं ‘युगांतर’ का अर्थ है एक ऐसा युग परिवर्तन जो तकनीकी रूपांतरण के माध्यम से देश को वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर करता है।

11 मई की तारीख रखती है ऐतिहासिक महत्व

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस हर साल 11 मई को मनाया जाता है। इस दिन वर्ष 1998 में भारत ने ‘ऑपरेशन शक्ति’ के अंतर्गत सफलतापूर्वक परमाणु परीक्षण किए थे। साथ ही स्वदेशी विमान हंसा-3 ने भी पहली उड़ान भरी थी। इन ऐतिहासिक उपलब्धियों के सम्मान में तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के रूप में घोषित किया था।

इस बार कार्यक्रम का फोकस – डीप-टेक और परिवर्तनकारी आरएंडडी

इस वर्ष का आयोजन भी टीडीबी-डीएसटी के तत्वावधान में भव्य रूप से 11 मई 2025 को आयोजित होगा। इसमें नीति निर्माता, वैज्ञानिक, टेक्नोक्रेट्स, उद्योगपति, स्टार्टअप संस्थापक और शैक्षणिक संस्थान भाग लेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य डीप-टेक, सटीक इंजीनियरिंग और परिवर्तनकारी अनुसंधान एवं विकास के माध्यम से भारत की तकनीकी यात्रा को नई दिशा देना है।

‘यंत्र’ थीम के माध्यम से नई तकनीकों को मिलेगा प्रोत्साहन

सरकार का मानना है कि ‘यंत्र’ की अवधारणा भारत को उन्नत अनुसंधान, नवाचार और प्रौद्योगिकी त्वरण की ओर प्रेरित करेगी। यह थीम नीति निर्माण से लेकर स्टार्टअप संस्कृति और औद्योगिक विकास तक, सभी क्षेत्रों में तकनीकी आत्मनिर्भरता को गति प्रदान करेगी।