“राष्ट्रीय कर्मयोगी जन सेवा कार्यक्रम” के तहत लोक सेवकों के लिए इंटरैक्टिव प्रशिक्षण का आयोजन, प्रशासनिक क्षमता में होगा इज़ाफा

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नई दिल्ली। भारत सरकार ने लोक प्रशासन में उत्तरदायित्व और दक्षता को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए शनिवार को नई दिल्ली में “राष्ट्रीय कर्मयोगी जन सेवा कार्यक्रम” के तहत एक इंटरैक्टिव प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) और क्षमता निर्माण आयोग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य सहायक अनुभाग अधिकारियों से लेकर अवर सचिवों तक के लोक सेवकों की दक्षता, नेतृत्व क्षमता और टीम वर्क को सशक्त बनाना था। इस अवसर पर डीएआरपीजी के सचिव श्री वी. श्रीनिवास स्वयं उपस्थित रहे और प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि “यह प्रशिक्षण न केवल कौशल निर्माण है, बल्कि यह सेवा भावना और टीम भावना के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का माध्यम भी है।”

चार मॉड्यूल में समझाया ‘कर्मयोगी’ बनने का मार्ग

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों के लिए चार विशेष इंटरैक्टिव मॉड्यूल तैयार किए गए, जिनमें शामिल थे:

  1. राष्ट्रीय कर्मयोगी कौन है?

  2. सफलता और संतुष्टि के हमारे दृष्टिकोण का विस्तार

  3. कर्मयोगी बनाना

  4. राष्ट्र-निर्माता के रूप में राष्ट्रीय कर्मयोगी

इन मॉड्यूल्स के माध्यम से प्रतिभागियों को न केवल प्रशासनिक जिम्मेदारियों की गहराई से समझ दी गई, बल्कि उन्हें यह भी बताया गया कि सिविल सेवक किस प्रकार ‘राष्ट्र निर्माता’ के रूप में अपनी भूमिका निभा सकते हैं।

मास्टर ट्रेनर ने दिए व्यवहारिक अनुभव के उदाहरण

उप सचिव एवं मास्टर ट्रेनर सुश्री सरिता तनेजा ने अपने अनुभव साझा करते हुए प्रतिभागियों को टीम भावना, निर्णय लेने की कुशलता और संप्रेषण के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने विभिन्न स्तरों के अधिकारियों से संवाद कर उन्हें सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

जन सेवा में पारदर्शिता और प्रभावशीलता की दिशा में प्रयास

सरकार का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम “मिशन कर्मयोगी” के तहत लोक सेवा में उत्कृष्टता की संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक और सशक्त कदम माना जा रहा है। यह पहल प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन की स्थापना के लिए केंद्र सरकार के व्यापक विज़न का हिस्सा है।