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नई दिल्ली। हरियाणा के करनाल में आतंकियों से बरामद आईईडी और अन्य हथियार तथा जम्मू-कश्मीर के सांबा सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से खोदी गई सुरंग को देखते बीएसएफ के अफसर। दिल्ली से सटे हरियाणा के करनाल में गुरुवार (पांच मई, 2022) को चार संदिग्ध आतंकी पकड़े गए। पुलिस ने इनसे हथियार भी बरामद किया। बताया गया कि संदिग्ध आतंकियों के पास से एक पिस्तौल और 31 कारतूस मिले, जबकि उनके पास से तीन आईईडी भी पाई गई है। उधर, बुधवार को जम्मू और कश्मीर के सांबा में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल ने गहरी सुरंग का पता लगाया है। इसमें कई हरी पन्नियां बरामद हुई हैं। बीएसएफ का दावा है कि उसने अमरनाथ यात्रा को बाधित करने की पाकिस्तानी आतंकवादियों की योजनाओं को विफल कर दिया है।
सूत्रों के हवाले से कुछ टीवी मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि इनमें से तीन आतंकी पंजाब के फिरोजपुर के हैं, जबकि चौथा लुधियाना का बताया जा रहा है। ये चारों इनोवा कार से दिल्ली होते हुए महाराष्ट्र नांदेड़ जा रहे थे। इन संदिग्धों का पाकिस्तान से भी तार जुड़ सकता है। हालांकि, इस बारे में फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। एसपी करनाल ने बताया, विश्वसनीय खुफिया इनपुट पर, 4 आतंकी संदिग्धों में से 3 फिरोजपुर से और 1 लुधियाना से बस्तर टोल प्लाजा के पास हिरासत में लिए गए। इनके पास से विस्फोटक समेत अन्य हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है। आरोपी की पहचान गुरप्रीत, अमनदीप परमिंदर और भूपिंदर के रूप में हुई। एसपी ने कहा, आरोपी पाक-निवासी व्यक्ति के संपर्क में थे, जिसने उन्हें आदिलाबाद, तेलंगाना में हथियार और गोला-बारूद गिराने के लिए कहा था। आरोपी गुरप्रीत को फिरोजपुर जिले में ड्रोन के जरिए सीमा पार से भेजे गए विस्फोटक मिले। इससे पहले, उन्होंने नांदेड़ में विस्फोटक गिराए। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। इस बीच, बुधवार को जम्मू और कश्मीर के सांबा में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल ने गहरी सुरंग का पता लगाया है। इसमें कई हरी पन्नियां बरामद हुई हैं। बीएसएफ का दावा है कि उसने अगले कुछ दिनों में शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा को बाधित करने के लिए पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों की योजनाओं को विफल कर दिया है। सुरंग सांबा क्षेत्र के सामने बीओपी चक फकीरा क्षेत्र में बनाया गया था। यह सुरंग दो फीट के मुहाने के साथ हाल ही में खोदा गया है और पाकिस्तान की ओर से लगभग 150 मीटर लंबी होने का संदेह है। बीएसएफ का कहना है कि मौके पर 21 रेत के बोरे भी मिले हैं, जिनका उपयोग सुरंग के निकास को मजबूत करने के लिए किया गया था। डेढ़ साल से भी कम समय में ऐसी पांचवीं सुरंग का पता लगाया गया है।

By Admin

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