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पिथौरागढ़। कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग में गर्बाधार से चीन सीमा लिपूलेख तक आगामी दिसंबर माह तक वाहन चलने लगेंगे। मौसम अनुकूल रहा तो मुनस्यारी से मिलम तक बन रही सड़क भी अगले वर्ष तैयार हो जाएगी। ऑलवेदर सड़क की एनएच के उच्चाधिकारी निरीक्षण कर समीक्षा करेंगे। यह जानकारी गुरुवार को केंद्रीय मंत्री भूतल परिवहन एवं राजमार्ग नितिन गडकरी द्वारा प्रदेश सांसदों, राजमार्ग और बीआरओ के अधिकारियों के साथ संयुक्त समीक्षा बैठक के बाद सांसद अजय टम्टा ने दी है।
सांसद टम्टा ने बताया कि केंद्रीय मंत्री गडकरी ने बैठक में सड़कों के बारे में संबंधित विभाग के अधिकारियों से बात की । जिसमें बीआरओ के अधिकारियों ने चीन सीमा लिपूलेख तक बन रही 75 किमी सड़क को दिसंबर 2020 में तैयार होने और वाहन चलने की जानकारी दी। इसी दौरान जोहार घाटी में उच्च हिमालय में मिलम तक बन रही 63 किमी मार्ग में 38 किमी मार्ग तैयार होने की बात बताई गई। शेष 25 किमी बर्फीले मार्ग निर्माण के लिए संसाधन बढ़ाए जाने पर अगले साल यानि 2021 में मिलम तक सड़क तैयार होने की जानकारी दी।
बैठक में केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने टनकपुर से पिथौरागढ़-अस्कोट में टनकपुर-पिथौरागढ़ 150 किमी बारहमासी सड़क निर्माण पर चर्चा की गई। समीक्षा बैठक में यह चर्चा हुई कि ऑलवेदर सड़क निर्माण के शुरुआती समय प्रगति काफी अधिक थी पर अब कार्य प्रगति में काफी सुस्ती आ चुकी है। निर्माण एजेंसियों के खिलाफ समय-समय पर आंदोलन भी हो रहे हैं। सांसदों द्वारा बैठक में प्रदेश भर की ऑलवेदर सड़क निर्माण की समीक्षा की मांग रखी गई। जिस पर केंद्रीय मंत्री ने एनएच के उच्च अधिकारियों को मौके पर जाकर सड़क निर्माण की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।

By Admin

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