जिनमें यह दावा किया गया कि चीन की सेना ने अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों पर कब्जा कर लिया है। सेना ने इन रिपोर्ट्स को गलत और बेबुनियाद बताया।भारतीय सेना ने बताए चीन सीमा के भारतीय सेना ने मीडिया की उन रिपोर्टों का खंडन किया जिनमें अरुणाचल प्रदेश में चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) द्वारा कब्जा करने और कैंप लगाने का आरोप लगाया गया था। सेना ने इन रिपोर्टों को “गलत और बेबुनियाद” बताया। भारतीय सेना ने कहा, “हमने कुछ मीडिया रिपोर्ट देखी हैं जिनमें अरुणाचल प्रदेश में चीनी PLA द्वारा हाल ही में कब्जा करने और कैंप लगाने का आरोप लगाया गया है। ये रिपोर्ट गलत और पूरी तरह से बेबुनियाद हैं।”
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सोमवार को कहा कि चीन सीमा पर स्थिति स्थिर है। हालांकि यह संवेदनशील बनी हुई है और इसके लिए लगातार सतर्कता की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि गलतफहमियों को रोकने और सीमा से जुड़े रोजमर्रा के मुद्दों को सुलझाने के लिए दोनों सेनाओं के बीच हर साल 1100 से ज्यादा जमीनी स्तर की बातचीत होती है।
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि ‘डिसइंगेजमेंट’ (सेनाओं के पीछे हटने) के समझौतों ने जमीनी स्तर पर स्थिरता लाने में अहम भूमिका निभाई है और दोनों पक्ष एक-दूसरे की चिंताओं के प्रति ज़्यादा तत्परता दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा, “पूरी स्थिति को अच्छी तरह से स्थापित तंत्रों के जरिए संभाला जा रहा है। जब भी LAC (वास्तविक नियंत्रण रेखा) को लेकर अलग-अलग नजरिए के कारण स्थानीय मुद्दे उठते हैं, तो उन्हें सेना-से-सेना के बीच बातचीत, हॉटलाइन, फ्लैग मीटिंग और कमांडर-स्तरीय मुलाकातों के जरिए सुलझाया जाता है। इन तंत्रों ने स्थिरता बनाए रखने और सीमावर्ती इलाकों में गश्त व अन्य स्थानीय गतिविधियों जैसी रोजमर्रा की चीजों को आसान बनाने में मदद की है।”जनरल द्विवेदी ने कहा कि भारतीय सेना की प्राथमिकताएं स्पष्ट हैं: “पहला, हमें LAC पर शांति और अमन-चैन बनाए रखना है। दूसरा, हम बातचीत और स्थापित तंत्रों के जरिए स्थानीय मुद्दों को सुलझाना चाहते हैं। तीसरा, हम किसी भी संभावित खतरे को रोकने के लिए मजबूत और भरोसेमंद तैनाती बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। साथ ही, हम उत्तरी सीमाओं पर बुनियादी ढांचे, लॉजिस्टिक्स, निगरानी क्षमताओं और समग्र ऑपरेशनल तैयारियों को मजबूत करना जारी रखे हुए हैं।” उन्होंने कहा कि भारतीय सेना जहां भी जरूरत हो, बातचीत और संवाद के लिए प्रतिबद्ध है। आगे उन्होंने कहा, “हालांकि, हमारा नजरिया ‘ताकत के जरिए शांति’ पर आधारित है। LAC पर भारतीय सेना का रुख मजबूत, भरोसेमंद, सतर्क और भारत की क्षेत्रीय अखंडता व राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम बना रहेगा।” भारत और चीन ने पिछले महीने बीजिंग में भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए कार्य तंत्र (WMCC) की 35वीं बैठक की थी। बाद में विदेश मंत्रालय की एक विज्ञप्ति में कहा गया कि बातचीत रचनात्मक और भविष्योन्मुखी थी। दोनों पक्षों ने भारत-चीन सीमावर्ती क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया, जिससे द्विपक्षीय संबंधों को धीरे-धीरे सामान्य बनाने की दिशा में प्रगति संभव हो सकी है। दोनों पक्षों ने सीमा-निर्धारण, सीमा प्रबंधन, तंत्र बनाने और सीमा-पार सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। भारतीय पक्ष ने सीमा-पार नदियों पर ‘विशेषज्ञ-स्तरीय तंत्र’ की अगली बैठक जल्द बुलाने पर ज़ोर दिया।











