अयोध्या के राम मंदिर परिसर स्थित शेषावतार मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण का कार्यक्रम हुआ, जिसमें 4 हजार रामभक्त पहुंचे। कार्यक्रम में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय भी मौजूद रहे।
राम मंदिर परिसर स्थित शेषावतार मंदिर के शिखर पर आज ध्वजारोहण किया गया। इस मौके पर चंपत राय भी नजर आए और उन्होंने कार्यक्रम का संचालन किया। चंपत राय की मौजूदगी चर्चा का विषय रही। दरअसल जब से राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी का मामला सामने आया है, तब से चंपत राय की सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा हो रही है। दरअसल चंपत राय श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव हैं।इस कार्यक्रम में पहुंचे लोगों ने बताया कि प्रोग्राम में चंपत राय ने शेषावतार के बारे में जानकारी दी, उनके पौराणिक महत्व की चर्चा की लेकिन, चढ़ावे के विवाद पर न चंपत राय कुछ बोले और न किसी और ने कुछ कहा।मंदिर के कार्यक्रम के बारे में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के एक्स हैंडल पर भी जानकारी साझा की गई। इसमें बताया गया, “श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर स्थित शेषावतार मंदिर के शिखर पर आज अयोध्या धाम के पूज्य 11 संत चरणों ने ध्वज पूजन किया। अयोध्या महानगर एवं ग्रामीण के लगभग 4 हजार रामभक्त कार्यक्रम के साक्षी बने। शेषावतार मंदिर शिखर पर पूज्य महंत शशिकान्त दास जी महाराज, पूज्य ज्ञानी गुरजीत सिंह जी, पूज्य महंत रामानंद दास जी महाराज, पूज्य जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य जी महाराज, पूज्य दिनेंन्द्र दास जी महाराज, पूज्य महंत रामकुमार दास जी महाराज, पूज्य रामानुजदास जी महाराज, पूज्य महंत रघुबीरशरण जी महाराज, पूज्य अधिकारी राजकुमार दास जी महाराज, पूज्य महंत गिरीश दास जी महाराज व महंत अवधेश दास शास्त्री जी महाराज ने शिष्यो के साथ ध्वज पूजन कर ध्वज आरोहित कराया।”इस प्रोग्राम में यूपी के दोनों डिप्टी सीएम को आना था लेकिन न ब्रजेश पाठक आए और न केशव प्रसाद मौर्य आए। इससे पहले योगी आदित्यनाथ अयोध्या का दौरा कर आए थे। गौरतलब है कि राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी की वजह से तमाम तरह के सवाल उठ रहे हैं। इसमें मुख्य सवाल ये भी है कि राम मंदिर के दान पात्रों में डाले गए रुपयों की चोरी होती रही लेकिन ऐसा कैसे संभव है कि व्यवस्था देखने वालों को पता नहीं चला?











