साहित्य अकादमी ने अपने वार्षिक साहित्य अकादमी पुरस्कारों का ऐलान किया है। इसमें वरिष्ठ कथाकार ममता कालिया को उनके संस्मरण ‘जीते जी इलाहाबाद’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार 2025 दिया गया है।साहित्य अकादमी ने आज 24 भारतीय भाषाओं में अपने वार्षिक साहित्य अकादमी पुरस्कारों की घोषणा की है। इसमें हिंदी की वरिष्ठ कथाकार ममता कालिया को साल 2025 का साहित्य अकादमी पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। यह पुरस्कार ममता कालिया को उनके संस्मरण ‘जीते जी इलाहाबाद’ के लिए मिला है। इस संबंध में ममता कालिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक पोस्ट साझा की है। पोस्ट में ममता कालिया ने लिखा है, “दोस्तो धन्यवाद,शुक्रिया। ऐसा बहुत कम होता है कि हमारे फोन पर ट्रैफिक जाम हो। माफी। आपका प्यार अब प्यार देने से ही पूर्ण होगा। आप सब की दुआएँ मुझे अगली किताब लिखने के लिए उकसाती हैं।”
8 कविता-संग्रहों, 4 उपन्यासों, 6 लघुकथा-संग्रहों, 2 निबंध-संग्रहों, 1 साहित्यिक आलोचना, 1 आत्मकथा और 2 संस्मरणों ने साहित्य अकादमी पुरस्कार 2025 जीता है।
इस संबंध में साहित्य अकादमी की आधिकारिक वेबसाइट पर एक नोटिफिकेशन जारी की गई है। नोटिफिकेशन में आगे लिखा है, “हर साल, साहित्य अकादमी एक तय प्रक्रिया के जरिए अपनी मान्यता प्राप्त 24 भाषाओं में पुरस्कार देती है। साहित्य अकादमी पुरस्कार 2025 के लिए, यह प्रक्रिया जनवरी 2025 में 30 जनवरी 2025 को एक खुला विज्ञापन जारी करने के साथ शुरू हुई।”
नोटिफिकेशन में आगे लिखा, “यह पुरस्कार—जिसमें एक नक्काशीदार तांबे की पट्टिका, एक शॉल और पुरस्कार राशि के रूप में 1,00,000/- रुपये की राशि वाला एक संदूक शामिल है—पुरस्कार विजेताओं को 31 मार्च 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले एक प्रस्तुति समारोह में प्रदान किया जाएगा।”











