भारत के विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर वर्तमान में फ्रांस के दौरे पर

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इस दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने कहा, “पिछले साल हमने पेरिस में AI एक्शन समिट का आयोजन किया था, जिसमें पूरी दुनिया शामिल हुई। इस समिट की सह-अध्यक्षता हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर की थी। हमने AI पर महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की और भारत के साथ मिलकर एक अंतरराष्ट्रीय समझौता भी तैयार किया, जो नवाचार पर भरोसा रखता है और साथ ही निष्पक्ष एवं संतुलित नियमन (रेगुलेशन) को भी बढ़ावा देता है। अब अगले महीने मैं इन प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए भारत की यात्रा पर जा रहा हूं।” भारत के विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर वर्तमान में फ्रांस के दौरे पर हैं। इस यात्रा के दौरान उन्होंने पेरिस में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों से मुलाकात की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से गर्मजोशी भरी शुभकामनाएं व्यक्त कीं। यह मुलाकात भारत-फ्रांस के बीच मजबूत रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे पहले डॉ जयशंकर ने फ्रांस के राजदूतों के सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित भी किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस AI एक्शन समिट में ‘इंडिया-AI इम्पैक्ट समिट 2026’ की घोषणा की थी। यह समिट 19-20 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होगी। ग्लोबल साउथ में होने वाली यह पहली वैश्विक AI समिट होगी। यह आयोजन AI के क्षेत्र में भारत-फ्रांस सहयोग को और मजबूत करने के साथ-साथ विकासशील देशों के लिए समावेशी और प्रभावी AI विकास पर केंद्रित होगा।मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए विदेश मंत्री ने एक्स पर लिखा, “फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों से मिलकर अत्यंत प्रसन्नता हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हार्दिक शुभकामनाएं पहुंचाईं। समकालीन वैश्विक परिवर्तनों पर उनकी गहरी समझ और भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी के प्रति उनकी सकारात्मक भावनाओं की मैं बहुत सराहना करता हूं।” जयशंकर ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों से की मुलाकात, दिया पीएम मोदी का संदेश विदेश मंत्री एस जयशंकर ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों से मुलाकात की है। इस मुलाकात को दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।जयशंकर ने पेरिस में फ्रांस के राजदूतों के सम्मेलन को भी संबोधित किया। सोशल मीडिया पोस्ट में जयशंकर ने कहा कि इस अवसर पर उन्होंने व्यापार, वित्त, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, संसाधन और संपर्क से प्रेरित समकालीन वैश्विक परिवर्तनों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि इन परिवर्तनों के लिए मानसिकता में बदलाव एक महत्वपूर्ण कारक रहा है। विदेश मंत्री ने बहुध्रुवीयता और रणनीतिक स्वायत्तता को बढ़ावा देने में भारत-फ्रांस साझेदारी के महत्व को भी रेखांकित किया।