इस एनकाउंटर के बारे में एसपी सिटी मधुबन कुमार सिंह ने बताया- “आज एसटीएफ, स्वाट टीम और सिधारी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक इनामी अपराधी वाकिफ मुठभेड़ में घायल हुआ, जिसकी बाद में मौत हो गई है। उसके खिलाफ कई संगीन मामले दर्ज थे, और वो किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था। तीन अन्य बदमाश मौके से फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। पचास हज़ार के इनामी बदमाश वाकिफ के मारे जाने को पुलिस के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। हालांकि, उसके तीन साथी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की कई टीमें जुटी हैं।” आजमगढ़ के रौनापार थाना क्षेत्र के जोकहरा पुल के पास पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में पचास हजार का इनामी अपराधी वाकिफ मारा गया है। एसटीएफ, स्वाट टीम और सिधारी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में हुई इस मुठभेड़ में वाकिफ गोली लगने से घायल हुआ था, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वाकिफ के खिलाफ करीब 50 से ज़्यादा मुकदमे दर्ज थे, जबकि तीन अन्य बदमाश मौके से फरार हो गए हैं।एसटीएफ और स्वाट टीम को सूचना मिली थी कि वांछित अपराधी वाकिफ अपने साथियों के साथ किसी बड़ी वारदात की फिराक में रौनापार थाना क्षेत्र में मौजूद है। सूचना पर हरकत में आई पुलिस ने घेराबंदी की, तभी बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वाकिफ को गोली लगी, जबकि उसके तीन साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।अस्पताल में मृत घोषित हुआ अपराधी
घायल वाकिफ को पहले हरैया और फिर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृत बदमाश की पहचान वाकिब उर्फ वाकिफ पुत्र कलाम उर्फ सलाम, उम्र 27 वर्ष, निवासी थाना फूलपुर, जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई है। वाकिफ पर ₹50,000 का इनाम घोषित था और वह एक सक्रिय अपराधी गिरोह का सदस्य था।
वाकिफ के खिलाफ चार दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज थे, जिनमें चोरी, लूट, धोखाधड़ी और अवैध गो-तस्करी जैसे गंभीर मामले शामिल हैं। इतना ही नहीं, गैंगस्टर एक्ट के तहत उस पर पांच बार कार्रवाई भी हो चुकी थी। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है और फरार अपराधियों की तलाश जारी है।











