प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने दी यूपी में सेमीकंडक्टर यूनिट को मंजूरी, 3700 करोड़ का निवेश तय

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नई दिल्ली/लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में उत्तर प्रदेश में एक बड़ी सेमीकंडक्टर यूनिट की स्थापना को मंजूरी दे दी गई। यह यूनिट ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ (आईएसएम) के तहत एचसीएल और फॉक्सकॉन के संयुक्त सहयोग से स्थापित की जाएगी। परियोजना में करीब 3700 करोड़ रुपये का निवेश होगा।

यह यूनिट यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यीडा) क्षेत्र में प्रस्तावित है, जो जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास बनेगी। अत्याधुनिक तकनीकों से सुसज्जित यह प्लांट हर माह 20,000 वेफर्स का उत्पादन करने की क्षमता रखेगा, जिससे 36 मिलियन यूनिट चिप्स तैयार किए जाएंगे।

इन चिप्स का इस्तेमाल मोबाइल फोन, लैपटॉप, ऑटोमोबाइल, पीसी और डिस्प्ले उपकरणों जैसे इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों में होगा। इसमें डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स के निर्माण पर खास जोर दिया जाएगा।

कैबिनेट ने अपने बयान में कहा कि भारत में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग के तेजी से विस्तार के साथ सेमीकंडक्टर की मांग में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी जा रही है। “यह नई यूनिट प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विजन को मजबूती प्रदान करेगी,” नोट में कहा गया।

एचसीएल और फॉक्सकॉन की बड़ी साझेदारी

एचसीएल जहां हार्डवेयर डेवलपमेंट में वर्षों से सक्रिय है, वहीं ताइवान की फॉक्सकॉन कंपनी इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग की वैश्विक दिग्गज है। दोनों की यह साझेदारी भारत को सेमीकंडक्टर क्षेत्र में वैश्विक मानचित्र पर मजबूत स्थिति दिलाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

सरकार ने बताया कि देश में पांच सेमीकंडक्टर यूनिट पहले ही एडवांस स्टेज में हैं। अब इस छठी यूनिट के साथ भारत सेमीकंडक्टर उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से अग्रसर है।

सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम हो रहा मजबूत

कैबिनेट नोट में बताया गया कि सेमीकंडक्टर उद्योग अब देश के कोने-कोने में फैल रहा है। 270 से अधिक शैक्षणिक संस्थान और 70 स्टार्टअप इस क्षेत्र में नवाचार कर रहे हैं। छात्रों द्वारा विकसित किए गए 20 से अधिक उत्पाद अब एससीएल मोहाली के साथ जोड़े गए हैं।

इस इकोसिस्टम को मजबूती देने के लिए कई वैश्विक उपकरण और गैस निर्माता कंपनियां भी भारत में अपने प्लांट स्थापित कर रही हैं। एप्लाइड मैटेरियल्स और लैम रिसर्च जैसी कंपनियां अब भारत में सक्रिय हैं। वहीं मर्क, लिंडे, एयर लिक्विड, आईनॉक्स जैसी कंपनियां सेमीकंडक्टर उद्योग के सप्लाई चेन को मज़बूती दे रही हैं।

आत्मनिर्भर भारत की ओर एक और कदम

प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में भारत सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में लगातार कदम बढ़ा रहा है। यह नई परियोजना न केवल रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी करेगी, बल्कि भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर भी साबित होगी।