1. गीत-नाट्य योजना के तहत सांस्कृतिक दलों के ऑडिशन शुरू
देहरादून/हल्द्वानी, 13 मई (संवाददाता):
राज्य सरकार की जन कल्याणकारी नीतियों और योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग ने गीत-नाट्य योजना के तहत पंजीकृत सांस्कृतिक दलों के माध्यम से प्रचार-प्रसार की पहल को गति दी है।
गढ़वाल मंडल के जनपदों का ऑडिशन 13 से 20 मई तक सूचना भवन देहरादून में और कुमाऊं मंडल के जनपदों का ऑडिशन 26 से 30 मई तक एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी में आयोजित होगा।
2. पर्वतीय राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप योजनाएं
सूचना महानिदेशक श्री बंशीधर तिवारी ने कहा कि सूचना विभाग प्रदेश की विषम भौगोलिक परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए अपनी योजना को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप सुदृढ़ कर रहा है।
उनका कहना था कि यह योजना न केवल सरकार की नीतियों को प्रभावी रूप से जनता तक पहुंचा रही है, बल्कि जनजागरूकता के एक मजबूत माध्यम के रूप में उभर रही है।
3. लोक संस्कृति को संरक्षण और नई प्रतिभाओं को मंच
श्री तिवारी ने कहा कि इस योजना के माध्यम से राज्य की समृद्ध लोक संस्कृति को सहेजने और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने का भी कार्य हो रहा है।
गीत, नृत्य, कठपुतली, नुक्कड़ नाटक जैसे लोक माध्यमों से प्रदेश के नागरिकों को नीतियों और योजनाओं की जानकारी सरल व प्रभावी रूप से दी जा रही है।
4. राज्यभर से पंजीकृत दल लेंगे हिस्सा
राज्य स्तर पर पंजीकृत लोक गीत, लोक नृत्य, कठपुतली, कब्बाली, भजन, नाटक और नुक्कड़ नाट्य दल इस ऑडिशन प्रक्रिया में हिस्सा ले रहे हैं।
इन दलों के माध्यम से शासन की नीतियों का प्रचार सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए किया जाएगा। यह लोक कला के प्रचार और युवाओं को संस्कृति से जोड़ने का अभिनव प्रयास है।
5. कालसी ब्लॉक से शुरू हुई ऑडिशन प्रक्रिया, 24 दलों ने दिखाया हुनर
ऑडिशन की प्रक्रिया की शुरुआत कालसी ब्लॉक से हुई, जिसमें कुल 24 सांस्कृतिक दलों ने हिस्सा लिया।
इस क्षेत्रीय भागीदारी से पता चलता है कि लोक संस्कृति से जुड़े लोग सरकारी अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लेने को उत्सुक हैं।
6. चयन प्रक्रिया में दिग्गज लोक कलाकार और अधिकारी शामिल
सांस्कृतिक दलों के चयन में देश-प्रदेश के प्रसिद्ध लोक कलाकारों व विशेषज्ञों को शामिल किया गया है।
पद्मश्री प्रीतम भरतवाण, लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी, संयुक्त निदेशक सूचना के.एस. चौहान, गीत-नाट्य प्रभाग भारत सरकार के सहायक निदेशक संतोष आशीष, और संस्कृति विभाग के नरेंद्र शर्मा इस चयन प्रक्रिया में निर्णायक मंडल का हिस्सा हैं।
7. युवाओं को लोक संस्कृति से जुड़ने का सुनहरा अवसर
इस योजना से राज्य के युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने और उन्हें जीवंत रखने का अवसर भी मिल रहा है।
सूचना विभाग का यह प्रयास संवाद, संस्कृति और सशक्तिकरण के त्रिवेणी संगम की तरह कार्य कर रहा है।











