पणजी, 12 मई -संवाददाता-गोवा में शहरी विकास की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए आज पणजी में एक अहम बैठक हुई, जिसमें केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल और मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने भाग लिया। बैठक में शहरी विकास, नगर नियोजन और स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे भी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान 24×7 ‘नल से जल’ योजना को लेकर एक बड़ा निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री सावंत ने गोवा के लिए 652.61 करोड़ रुपये की लागत वाली “ड्रिंक-फ्रॉम-टैप” योजना को अमृत 2.0 के तहत वित्तीय सहायता देने का अनुरोध किया। इस पर केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने सकारात्मक विचार करने और विशेष मदद देने पर सहमति जताई।
शहरी योजनाओं की व्यापक समीक्षा
बैठक में निम्न प्रमुख शहरी योजनाओं की समीक्षा की गई:
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अमृत और अमृत 2.0 मिशन
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प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी (PMAY-U 2.0)
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स्मार्ट सिटीज मिशन
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स्वच्छ भारत मिशन – शहरी (SBM-U 2.0)
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दीनदयाल अंत्योदय योजना – NULM
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पीएम स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi)
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवा में पर्यटकों की बड़ी संख्या के कारण शहरी बुनियादी ढांचे पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिसे देखते हुए राज्य को विशेष श्रेणी में रखकर अमृत 2.0 और SBM-U 2.0 के तहत त्वरित और अधिक सहायता दी जानी चाहिए।
इस पर केंद्रीय मंत्री ने सहयोगात्मक संघवाद की भावना को दोहराते हुए निर्देश दिया कि पर्यटन राज्यों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर नीतिगत बदलाव किए जाएं।
प्रमुख बिंदुओं पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने राज्य को सुझाव दिए कि:
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जल और सीवर कनेक्शन जैसे लंबित कार्य जल्द पूरे किए जाएं।
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शौचालय निर्माण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और एसटीपी परियोजनाओं की निविदाएं तुरंत जारी हों।
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पीएमएवाई-यू के तहत लोगों को जागरूक किया जाए और पात्र लाभार्थियों की पहचान की जाए।
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पीएम स्वनिधि योजना में महिला वेंडरों की भागीदारी बढ़ाई जाए।
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पीएम ई-बस सेवा योजना के लिए राज्य तुरंत प्रस्ताव भेजे।
स्मार्ट सिटी और पीपीपी मॉडल की चर्चा
श्री मनोहर लाल ने शहरी विकास को आगे बढ़ाने के लिए स्मार्ट प्लानिंग, जनसहभागिता और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल को अपनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि गोवा जैसे तेजी से बढ़ते पर्यटन केंद्र को टिकाऊ शहरीकरण की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।
बैठक में हुए निर्णयों से साफ है कि गोवा में अब शहरी विकास योजनाओं को नई गति और दिशा मिलेगी। 24×7 ‘नल से जल’ योजना जैसे पायलट प्रोजेक्ट से ना सिर्फ आम लोगों को लाभ मिलेगा, बल्कि गोवा को एक मॉडल शहरी राज्य के रूप में भी स्थापित करने में मदद मिलेगी।











