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देहरादून। कोरोना वायरस को लेकर एक तरफ स्वास्थ्य विभाग लोगों को जागरूक कर रहा है, तो वहीं चिकित्सकों की लापरवाही के कारण लोगों में डर फैल गया है। मामला दून मेडिकल कॉलेज के एक पत्र के वायरल होने से जुड़ा है, जिसमें एक निजी अस्पताल में भर्ती मरीजों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि होने की बात कही गई है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। मुख्य चिकित्साधिकारी को इस प्रकरण की जांच के निर्देश दिए हैं। मेडिकल कॉलेज को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी उन्होंने दिए हैं।
दरअसल, दून मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष का एक पत्र वायरल होते ही न केवल स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है, बल्कि इस पत्र ने आम लोगों में भी खौफ पैदा कर दिया। इस पत्र के माध्यम से प्राचार्य को मास्क, सैनिटाइजर, कैप आदि की डिमांड भेजी गयी थी। जिसमें एक निजी अस्पताल में मरीजों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि होने का उल्लेख है। पत्र में कहा गया है कि देहरादून के इस नामी अस्पताल में मरीज कोरोना वायरस से ग्रसित पाए गए हैं। मामले को लेकर जब दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सायना से बात की तो उन्होंने इस पत्र को मानवीय भूल बताया। डॉ. सयाना ने कहा कि विभागाध्यक्ष द्वारा पत्र में कोरोना वायरस की पुष्टि होने की बात गलती से लिखी गई थी। इसके लिए विभागाध्यक्ष से लिखित स्पष्टीकरण ले लिया गया है। विभागाध्यक्ष ने अपनी गलती स्वीकार की है। उनका कहना है कि यह मरीज अन्य जगह के हैं और उन्होंने भूलवश ऐसा लिख दिया। उन्होंने लिखित माफीनामा भी दिया है। उनका कहना है कि यह पत्र किसने लीक किया और किस स्तर से वायरल हुआ इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस में भी मामले की शिकायत की जाएगी।

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