Share

देहरादून। दून के होटल-ढाबों से लेकर ठेलियों पर धड़ल्ले से घरेलू सिलेंडर का प्रयोग हो रहा है। इन पर अकुंश लगाने के लिए आपूर्ति विभाग और बाट-माप विभाग केवल खाना पूर्ति के लिए अभियान चलाता है। अक्सर जब किसी दुकान में घरेलू सिलेंडर पकड़ा जाता है तो विभाग दुकान का चालान कर कार्रवाई के नाम खानापूर्ति कर देता है, जबकि ऐसे दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए तभी इस पर अंकुश लग सकता है।
दून में बड़े-बड़े होटलों से लेकर, ढाबों, चाय, चाऊमीन की दुकानों पर धड़ल्ले से घरेलू रसोई गैस का उपयोग किया जा रहा है। इसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को भी लेकिन विभाग कभी-कभी छापेमारी कर ऐसे दुकानदारों के खिलाफ चालान की कार्रवाई करता है। दुकानदार जुर्माना अदा कर बच जाता है। उसके बाद फिर से दुकानों में अपने फायदे के लिए घरेलू गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं। जिससे आम उपभोक्ताओं को रसोई गैस की किल्लत से भी जूझना पड़ता है। यह हकीकत है कि विभाग की तरफ से सख्त कार्रवाई न होने से दुकानदार अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं।
दून में आपूर्ति विभाग पिछले कुछ समय से अवैध रीफिलिंग के खिलाफ कार्रवाई जरूर कर रहा है। लेकिन इसके बावजूद यह काला धंधा रुकने का नाम नहीं ले रहा। शहर से लेकर देहात तक इस काले कारोबार ने पांव जमा रखे हैं। हालांकि पिछले महीने आपूर्ति विभाग ने अवैध रीफिलिंग करने वाले सात आरोपितों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया। इससे इस कारोबार से जुड़े लोगों में कुछ अंकुश तो लगा है। विभाग अगर समय-समय पर इस तरह की सख्त कार्रवाई करें तो इस अवैध रिफिलिंग के कारोबार में अंकुश संभव है।

By Admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *