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नैनीताल। प्रदेश सरकार के देवस्थानम एक्ट के विरोध में भाजपा सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर मंगलवार को हाइकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करन को कहा है। मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति रमेश खुल्बे की खंडपीठ में याचिका पर सुनवाई हुई। बहस के दौरान सरकार को ओर से महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर, मुख्य स्थायी अधिवक्ता परेश त्रिपाठी आदि मौजूद रहे। स्वामी ने इस अधिनियम को असंवैधानिक करार देने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करार दिया। कहा कि 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश में साफ कहा है कि सरकार मंदिर का प्रबंधन हाथ में नहीं ले सकती। उन्होंने चारधाम देवस्थानम एक्ट रद किए जाने की मांग की।
महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर ने किया सरकार का बचाव। उन्होंने एक्ट को सही और संवैधानिक करार दिया। जनहित जनहित याचिका नहीं प्रचार और राजनीतिक स्टंट पर आधारित है। याचिका खारिज हो।
नैनीताल स्थित होटल में पत्रकारों से बातचीत में स्वामी ने कहा कि 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश में साफ कहा है कि सरकार मंदिर का प्रबंधन हाथ में नहीं ले सकती। वित्तीय गड़बड़ी होने पर सरकार अल्पकालिक प्रबंधन ले सकती है मगर सुधार के बाद सरकार को प्रबंधन सौंपना होगा। उन्होंने साफ कहा कि मंदिर का संचालन सरकार का काम नहीं बल्कि भक्त व हक हकूकधारियों का है।

By Admin

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