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एजेंसी न्यूज
नई दिल्ली। निर्भया कांड के एक दोषी अक्षय कुमार सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में फांसी की सजा को लेकर पुनर्विचार याचिका दायर की है। गौरतलब है कि अन्य आरोपियों की तरह ही ट्रायल कोर्ट ने अक्षय को भी फांसी की सजा सुनाई थी। जिसे दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा।
अक्षय से पहले विनय शर्मा राष्ट्रपति के पास अपनी दया याचिका भेज चुका है जो खारिज कर दी गई है। राष्ट्रपति से दया याचिका खारिज होने के बाद याचिका पर हुए निर्णय को लेकर तिहाड़ प्रशासन को पटियाला कोर्ट जाना होता है। दोषी का ब्लैक वारंट (जिसे डेथ वारंट भी कहते हैं) कोर्ट से जारी होगा। दया याचिका सिर्फ विनय शर्मा ने लगाई थी। अदालत तय करना था कि अन्य दोषी अक्षय, पवन, मुकेश दोबारा दया याचिका दे सकेंगे या नहीं? राष्ट्रपति पर निर्भर करता है कि वे कब डेथ वारंट निकालते हैं। हालांकि इस बीच अक्षय की पुनर्विचार याचिका से मामला फिर फंस गया है।
निर्भया के साथ दरिंदगी की सारी हदें पार करने वाले तिहाड़ जेल में बंद चारों दोषियों की नींद उड़ गई है। मीडिया में चल रही फांसी की खबरें दोषियों तक पहुंच रही हैं। हालांकि अभी उन्हें अलग सेल में रखा गया है, लेकिन दिनचर्या के दौरान जब वे दूसरे कैदियों से मिलते हैं, तो कोई न कोई उनके सामने फांसी का जिक्र कर देता है। नतीजा, वे अब घबराने लगे हैं। चारों दोषी ठीक से खाना नहीं खा पा रहे हैं।
बता दें कि अभी तक चारों दोषियों के डेथ वारंट जारी नहीं हुए हैं, लेकिन बताया जा रहा है कि इन पर किसी भी वक्त साइन हो सकते हैं। निर्भया के चार दोषियों में से एक पवन को मंडोली की जेल नंबर-14 से तिहाड़ की जेल नंबर-2 में शिफ्ट कर दिया गया है। इसी जेल में निर्भया के चार दोषियों में से दो अक्षय और मुकेश भी बंद हैं। फांसी की खबर सुनकर चारों दोषी अपने अपने सेल में देर रात तक चक्कर काटते रहते हैं। अब इनका खाना भी अलग से आता है, प्रतिदिन सेल की मैनुअल जांच हो रही है, इन सबके चलते ये चारों इतना तो समझ गए हैं कि अब किसी भी वक्त कोई आदेश आ सकता है।
सूत्र बताते हैं कि दोषी अक्षय और पवन तो खाना ठीक से नहीं पा रहे हैं। इन चारों को जेल मैनुअल के हिसाब से ही खाना दिया जा रहा है। दो सप्ताह पहले तक दोषी मुकेश और विनय शर्मा की जो डाइट थी, अब उसमें कुछ बदलाव देखा गया है। सूत्र बताते हैं कि अभी तक किसी भी दोषी को कोई दवा नहीं दी गई है, लेकिन इन्हें तरल पदार्थ और ठोस भोजन इस तरह से दिया जा रहा है कि इनका रक्तचाप संतुलन में रहे। जेल में डेथ वारंट पहुंचने के बाद इनके परिजनों को सूचित किया जाएगा।

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