अफसर हो या आम नागरिक, कानून तोड़ने वाला बच नहीं सकता

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संभल हिंसा के दिन उस समय CO रहे अनुज चौधरी और इंस्पेक्टर अनुज कुमार तोमर समेत 15-20 पुलिसकर्मियों ने गोलियां चलाई थी जिसमें से 3 गोलियां आलम को भी लगी थी। आलम के पिता ने कोर्ट में याचिका दायर की थी।चंदौसी कोर्ट ने संभल हिंसा से जुड़े एक मामले में ASP अनुज चौधरी समेत 12 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज करने और मामले की जांच के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने 7 दिनों के भीतर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। बता दें कि ये मामला आलम नाम के एक शख्स को गोली लगने से जुडा है। कोर्ट ने अब 12 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज करने के आदेश दिए हैं। इसमें उस समय संभल के CO रहे अनुज कुमार चौधरी का भी नाम भी शामिल हैं।संभल में सीओ रहे अनुज कुमार के अलावा उस समय के इंस्पेक्टर अनुज कुमार तोमर का नाम भी प्रार्थी की तरफ से कोर्ट में दिया गया है।इस मामले के मुताबिक संभल हिंसा के दिन CO अनुज चौधरी और इंस्पेक्टर अनुज कुमार तोमर समेत 15-20 पुलिसकर्मियों ने गोलियां चलाई थी जिसमें से 3 गोलियां आलम को भी लगी थी। आलम के पिता ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। आलम के पिता ने गोली लगने के बाद इलाज में आई दिक्कतों का भी कोर्ट में जिक्र किया, जिसके बाद कोर्ट ने FIR के आदेश दिए हैं।संभल हिंसा के बाद चर्चा में आए अनुज चौधरी पर होगी FIR, 12 पुलिसवाले भी फंसे; क्या है मामला?संभल हिंसा के दिन उस समय CO रहे अनुज चौधरी और इंस्पेक्टर अनुज कुमार तोमर समेत 15-20 पुलिसकर्मियों ने गोलियां चलाई थी जिसमें से 3 गोलियां आलम को भी लगी थी। आलम के पिता ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस मामले पर संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क ने सीओ अनुज चौधरी पर निशाना साधते हुए एक पोस्ट की है। उन्होंने अपने X हैंडल पर लिखा है, ”कानून से ऊपर कोई नहीं- न वर्दी, न ओहदा। संभल हिंसा के दौरान एक युवक को गोली मारने के मामले में तत्कालीन CO समेत 12 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज करने का CJM कोर्ट का आदेश एक ऐतिहासिक फैसला है। यह आदेश साफ संदेश देता है— अफसर हो या आम नागरिक, कानून तोड़ने वाला बच नहीं सकता। संभल हिंसा में जिन अधिकारियों ने कानून की सीमा लांघी है, अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया है, न्यायपालिका के जरिये इंसाफ जरूर मिलेगा।”