ईरान में सड़कों पर अवाम, सरकारी इमारतों में तोड़फोड़ की कोशिश कई जगहों पर भड़की हिंसा

143
Share

तेहरान। ईरान में विरोध प्रदर्शन कई शहरों में फैल गया है। साल 2022 में ईरान में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद एक बार फिर ईरान में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं। आर्थिक संकट और बढ़ती महंगाई के चलते लोगों को गुस्सा फूट पड़ा है।
ईरान में आर्थिक संकट गहराने के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है और देश के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। ईरान में विरोध प्रदर्शन का चौथा दिन है और अब ये लगातार व्यापक हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कई सड़कों को ब्लॉक कर दिया है। राजधानी तेहरान में भी हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर गए हैं।
बढ़ती महंगाई और ईरान की मुद्रा के पतन के चलते हजारों लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और अब यह विरोध प्रदर्शन देश के कई शहरों में फैल गया है। इस प्रदर्शन की शुरूआत तेहरान के ग्रैंड बाजार के दुकानदारों से हुई, जो धीरे धीरे देशव्यापी प्रदर्शन में बदल गया। अब ये विरोध प्रदर्शन विश्वविद्यालयों तक फैल गया है। छात्र सरकार विरोधी नारेबाजी कर रहे हैं। कुछ प्रदर्शनकारियों ने ईरान के निर्वासित राजा रजा पहलवी के समर्थन में भी नारेबाजी की। कई जगहों पर हिंसा हुई है और पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े हैं। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकारी इमारतों में भी प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ की कोशिश की।
ईरान की मुद्रा रियाल अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर इतिहास के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। एक अमेरिकी डॉलर खरीदने के लिए ईरान के लोगों को 14 लाख रियाल खर्च करने पड़ रहे हैं। इसके चलते ईरान में आयात बेहद महंगा हो गया है और महंगाई नियंत्रण से बाहर हो गई है। ईरान पहले ही अमेरिका और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के चलते आर्थिक संकट से घिरा हुआ है। क्षेत्रीय तनाव ने उसकी मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। रोजमर्रा की चीजें महंगी होने से आम लोगों में भारी गुस्सा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान की सरकार नए साल में लोगों पर टैक्स बढ़ाने की योजना बना रही है। पहले से ही महंगाई और आर्थिक संकट से जूझ रहे लोगों में टैक्स बढ़ने की खबरों से गुस्सा भड़क गया है। एजेंसी