एजेंसी न्यूज
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सोमवार को पश्चिमी यूपी और तराई के कई जिलों में जमकर बारिश हुई। बरेली में 24 घंटे के दौरान 381.1 मिमी बारिश दर्ज की गई और शाहजहांपुर में भी 227 मिमी पानी बरसा। इन दोनों जिलों के अब तक उपलब्ध मापन इतिहास में एक दिन में यह सबसे अधिक बारिश है।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक पश्चिमी यूपी और तराई में हुई इस बारिश से प्रदेश में मानसून की स्थिति बदल गई है। एक जून से सात सितंबर तक प्रदेश में सामान्य से एक प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज हो चुकी है।
यानी मानसून सीजन में अब तक हुई कुल बारिश ने औसत का आंकड़ा पार कर लिया है। सोमवार को बहराइच में 175 मिमी, लखीमपुर खीरी में 156 मिमी और एटा में 135 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश हुई।
मौसम विभाग ने मंगलवार को चित्रकूट, देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, कुशीनगर, महराजगंज और सिद्धार्थनगर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। बृहस्पतिवार से प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के आसार हैं।
लखनऊ में मौसम बदला हुआ है। काले बादलों के बीच मूसलाधार बारिश हुई। बिजली कड़की और तेज बारिश के चलते कई इलाकों में अंधेरा छा गया। वाहन चालकों को दिन में ही हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। हजरतगंज, गोमतीनगर, विभूतिखंड, इंदिरानगर और कैंट समेत कई इलाकों में बारिश हुई। अब बारिश थमने के बाद शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति है। कैंट के अटल तिराहे से निकल रही स्विफ्ट डिजायर पर नीम का पेड़ गिर पड़ा।
गोमतीनगर में सड़क पर पानी जमा है। छात्र इसी नाले के पानी को पार कर स्कूल गए। मौसम विभाग ने आज बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है और मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। मानसून के दौरान 1 जून से लेकर 6 सितंबर तक कुल 609.5 मिलीमीटर बारिश हुई। जबकि सामान्य बारिश का औसत 556.6 मिलीमीटर रहा है। यह सामान्य से 10 फीसदी अधिक रहा।











