हर्रावाला, देहरादून। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अरुण कुमार त्रिपाठी एवं रजिस्ट्रार रामजीशरण शर्मा की प्रेरणा एवं परिसर निदेशक प्रोफेसर के.के.शर्मा के मार्गदर्शन में उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर में उत्तराखंड शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा ‘नशा मुक्त देवभूमि अभियान’ के तहत एक प्रेरणादायक व्याख्यान और शपथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के प्रति जागरूक करना और उन्हें एक सशक्त, संकल्पित और उद्देश्यपूर्ण जीवन की ओर प्रेरित करना था। एवं कार्यक्रम में नशा मुक्ति के लिए शपथ भी दिलाई गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के नोडल अधिकारी प्रो. रमेश तिवारी ने की, संचालन मुख्य परिसर के नोडल अधिकारी डॉ. राजीव कुरेले ने किया, जबकि प्रमुख वक्ता के रूप में डॉ. एस. पी. सिंह, अमित तमाड्डी उपस्थित रहे।कार्यक्रम में स्वास्थ्यवृत विभाग के डॉक्टर एसपी सिंह ने नशा मुक्ति दुष्प्रभाव बारे में बताया। कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रोफेसर रमेश तिवारी में नशा की मानसिक शारीरिक स्थिति के बारे मेंबताया ।हम डिजिटल युग में हैं, जहां एक आईडिया लाखों लोगों का जीवन बदल सकता है। ऐसे समय में मानसिक स्पष्टता, आत्म-नियंत्रण और ऊर्जा की सबसे अधिक आवश्यकता है। नशा इस ऊर्जा को नष्ट कर देता है। सोशल मीडिया पर जो युवा मोटिवेशनल कंटेंट देखते हैं, उसे अपने जीवन में अपनाने का समय अब आ गया है।” उन्होंने कहा बड़े लक्ष्य लेकर कम से कम अपने कैंपस को नशा मुक्त करने का संकल्प लें।।
डॉ. राजीव कुरेले ने छात्रों से सीधे संवाद करते हुए कहा, “नशा अब सिर्फ व्यक्तिगत कमजोरी नहीं रहा, यह एक संगठित सामाजिक जाल बन चुका है। जब एक युवा इससे बाहर निकलता है, तो वह सिर्फ अपने लिए नहीं, दूसरों के लिए भी एक प्रेरणा बनता है। आज की पीढ़ी को रणवीर सिंह के अभिनय या विराट कोहली की फिटनेस से ही नहीं, बल्कि उनकी मेहनत और अनुशासन से भी सीखने की जरूरत है । नशा एक सामाजिक एवं मानसिक बुराई है यह शरीर एवं मन को दीपक के समान खोखला कर देती है और नशे से हमैं दूर रहना चाहिए। “आज का युवा आइंस्टीन, ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, मीराबाई चानू या नीरज चोपड़ा जैसा बन सकता है – लेकिन इसके लिए जरूरी है कि हम अपने शरीर और मन को नशे जैसे अवरोधों से मुक्त रखें। कार्यक्रम के अंत में उप् परिसर निदेशक डॉक्टर नंदकिशोर दाधीचि जी ने सभी का आभार व्यक्त किया। तथा नशा मुक्ति समिति के कार्य क्षेत्र एवं वर्किंग के बारे में विस्तार सेबताया और कहा कि यह प्रयास राज्य को नशा मुक्त बनाने की दिशा में एक ठोस कदम साबित होगा। इस कार्यक्रम में डॉ ऋषि आर्य, डा० शशांक नौटियाल, आशुतोष गैरोला, वरिष्ठ शिक्षकों आदि एवं 2021 बैच के छात्र, छात्राओं ने प्रतिभाग किया। स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने विश्वविद्यालय द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना की ।
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