“3-4 महीने तक सिर्फ स्क्रिप्ट पर काम करता हूं”, अभिनय पर साझा किए अनुभव
नई दिल्ली (ब्यूरो)। अभिनेता आमिर खान ने ‘वेव्स 2025’ के मंच से अभिनय की बारीकियों पर खुलकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि एक अच्छा अभिनेता बनने के लिए सबसे जरूरी है ईमानदार होना और स्क्रिप्ट को समझना। उन्होंने कहा, “मैं प्रशिक्षित अभिनेता नहीं हूं। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा जाना चाहता था, लेकिन नहीं जा सका। मैंने जो कुछ सीखा, अनुभव से सीखा।”
आमिर खान ने बताया कि वह स्क्रिप्ट पर महीनों मेहनत करते हैं। “मैं मुश्किल दृश्यों को पहले उठाता हूं और संवादों को हाथ से लिखता हूं। जब आप किसी लाइन को बार-बार बोलते हैं, तो उसके कई रंग नजर आते हैं,” उन्होंने कहा।
उन्होंने कहा कि अभिनय की सबसे बड़ी चुनौती होती है — हर रीटेक में वैसी ही भावनात्मक तीव्रता बनाए रखना। उन्होंने यह भी बताया कि वे दृश्य की कल्पना तो करते हैं, लेकिन अभ्यास के दौरान कभी भी आईने का इस्तेमाल नहीं करते।
एआई और फिल्म निर्माण के भविष्य पर बोलते हुए आमिर ने कहा कि तकनीक अब ऐसे मुकाम पर पहुंच रही है, जहां बिना किसी अभिनेता के भी दृश्य तैयार किए जा सकते हैं। लेकिन उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि असली अभिनय अभी भी स्क्रिप्ट से आने वाली भावनाओं पर निर्भर करता है।
उन्होंने नवोदित कलाकारों को सलाह दी, “आप जितने ईमानदार होंगे, उतना ही बेहतर अभिनय कर पाएंगे।”
अपनी पसंदीदा फिल्म के सवाल पर आमिर ने ‘तारे ज़मीन पर’ का नाम लिया, जो बच्चों और माता-पिता के रिश्ते को संवेदनशीलता से दर्शाती है।
सत्र के अंत में आमिर खान ने कहा, “एक्टर वही करे जो सीन की डिमांड हो, न कि सिर्फ अपने हिस्से की सोचकर।” यह सलाह न सिर्फ कलाकारों के लिए, बल्कि पूरी फिल्म टीम के लिए भी प्रेरणादायक रही।











