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देहरादून। शिक्षाविद् और किसान सभा के अखिल भारतीय संयुक्त मंत्री कामरेड बादल सरोज ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने देश पर नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के नाम पर काला कानून थोपा है। देश में इसके खिलाफ पिछले कई दिन से सैकड़ों स्थानों पर शाहीन बाग की तरह आंदोलन चल रहा है।
परेड ग्राउंड के समीप स्थित हिन्दी भवन में श्नागरिकता संशोधन कानून संविधान पर हमलाश् विषय पर विभिन्न जनसंगठनों ने संयुक्त सम्मेलन आयोजित किया, जिसकी अध्यक्षता पूर्व आइएएस अधिकारी चंद्र सिह ने की। सम्मेलन का संचालन किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सिह सजवाण ने किया। सम्मेलन में किसान सभा, सीटू, एसएफआइ, डीवाइएफआइ, महिला समिति, बीजीवीएस, एआइएलयू शामिल रहे। कार्यशाला में डॉ. एसपी कुलश्रेष्ठ और बार काउंसिल की पूर्व अध्यक्ष रजिया बेग ने भी विचार व्यक्त किए।
मुख्य वक्ता बादल सरोज ने कहा कि एकजुटता ही नरेंद्र मोदी की नीति के खिलाफ हमारी शक्ति है। यही ताकत इन साम्प्रदायिक ताकतों से देश की रक्षा करेगी। उन्होंने संघर्षशील जनता को बधाई दी। कहा कि अगर मोदी सरकार इस कानून को वापस नहीं लेती है तो देश में और भी शाहीन बाग जैसे आंदोलन होंगे। उन्होंने कहा कि हमारी परंपरा साझी शहादत साझी विरासत की रही है। सही वक्त पर देश की जनता सही फैसला लेती रही है। देशवासी एकजुट है। जिस साम्प्रदायिक राजनीति का खेल केंद्र सरकार और आरएसएस खेल रही है। उन्हें याद होना चाहिए कि जब देश की जनता अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष कर रही थी, तब यह लोग देश का साथ नहीं दे रहे थे।
कार्यशाला को किसान सभा के उपाध्यक्ष बच्चीराम कौसवाल, सीटू के महामंत्री महेंद्र जखमोला, महिला समिति की उपाध्यक्ष इंदू नौडियाल, बीजीवीएस के अध्यक्ष विजय भट्ट, एसएफआइ के अध्यक्ष नितिन मलेठा, समाजवादी पार्टी के नेता डॉ. एसएन सचान, हुसैन अहमद, डॉ. अनुराधा, प्रो. बीबी श्रीवास्तव आदि ने भी संबोधित किया।

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