वॉशिंगटन. अमेरिका की प्रतिनिधि सभा में भारतीय पायलट स्मित मच्छार के सम्मान में एक प्रस्ताव पेश किया गया है। स्मित ने दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट 1073 पर हुए आतंकी हमले के दौरान सूझबूझ और साहस दिखाते हुए विमान में सवार यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई थी। यह प्रस्ताव अमेरिकी सांसद जोश गॉटहाइमर, डॉन बेकन और माइकल मैककॉल ने पेश किया है। प्रस्ताव के जरिए स्मित मच्छार के साहस और उनकी जिम्मेदारी के साथ लिए गए फैसलों को सम्मानित करने की पहल की गई है।
फ्लाईदुबई की फ्लाइट 1073 दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ान भर रही थी। इसी दौरान विमान को आतंकवादी हमले का सामना करना पड़ा। ऐसे मुश्किल हालात में भारतीय पायलट स्मित मच्छार ने स्थिति को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके फैसले ने विमान में मौजूद यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद की। इस घटना के बाद स्मित की बहादुरी और पेशेवर क्षमता की चर्चा हुई।
इस्राइल, यूएई और सऊदी अरब के अधिकारियों ने फ्लाईदुबई की घटना को आतंकी हमला बताया है। लेकिन अभी भी यह सवाल बना हुआ है कि क्या हमला करने वाले को-पायलट ने अकेले यह कदम उठाया या वह किसी बड़ी आतंकी साजिश का हिस्सा था। एबीसी न्यूज ने जांच की जानकारी रखने वाले अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि जांचकर्ताओं का मानना है कि ओमान के को-पायलट ने किसी बड़े संगठन का हिस्सा होने के बजाय अकेले ही यह काम किया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जांच अभी शुरुआती दौर में है।
हमम अल-हम्मामी ने पूछताछ में क्या बताया?
बाद में, रॉयटर्स ने बताया कि हमम अल-हम्मामी से पूछताछ में पता चला कि उसने तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर प्लेन क्रैश करने की योजना बनाई थी। यह भी पता चला कि अल-हम्मामी ने इस साल की शुरुआत में तेल अवीव में एक और प्लेन क्रैश करने की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में उस योजना को छोड़ दिया।
इस प्लेन में दुबई से तेल अवीव जा रहे 174 यात्री सवार थे, जिनमें से ज्यादातर इस्राइली थे। कैप्टन स्मित मच्छार ने समय रहते कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों ने अल-हम्मामी को काबू में कर लिया। इसके बाद, यात्री के तौर पर यात्रा कर रहे फ्लाईदुबई के दो पायलटों ने प्लेन का कंट्रोल संभाला और उसे सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा।
