आरएसएस पर अमेरिकी संगठन की रिपोर्ट खारिज

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एजेंसी न्यूज
नई दिल्ली। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की विदेश यात्रा से जुड़े सवाल पर विदेश मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट की। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि ब्रिटेन की यात्रा के लिए उन्हें राजनीतिक मंजूरी दी गई थी। वहीं, अमेरिका यात्रा के लिए मंजूरी नहीं दिए जाने को लेकर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्रियों और अन्य गणमान्य लोगों की विदेश यात्राओं का आकलन विदेश मंत्रालय करता है। इसके बाद यात्रा के लिए राजनीतिक मंजूरी दी जाती है।
जायसवाल ने कहा कि प्रस्तावित कार्यक्रम पद और यात्रा के उद्देश्य के अनुरूप होना चाहिए। उनके मुताबिक, इस मामले में अमेरिका के लिए प्रस्तावित यात्रा इन मानकों के अनुरूप नहीं थी, इसलिए राजनीतिक मंजूरी नहीं दी गई।
भारत ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर अमेरिकी संगठन यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन फॉर इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम की रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने संगठन की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए इसे पक्षपाती बताया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया ब्रीफिंग के दौरान वरउकफऋ की रिपोर्ट को लेकर पूछे गए सवाल पर भारत का रुख स्पष्ट किया।
जायसवाल ने कहा कि जिस संगठन की रिपोर्ट का जिक्र किया जा रहा है, उससे सभी परिचित हैं। उनके मुताबिक, यह संगठन लंबे समय से भारत के खिलाफ अपमानजनक और भड़काऊ टिप्पणियां करता रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे संगठनों से दूरी बनाए रखनी चाहिए, क्योंकि वे अपने एजेंडे के तहत काम करते हैं और उनकी विश्वसनीयता या भरोसेमंद होने को लेकर सवाल हैं।
पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग से जुड़े मामले पर भी विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी। जायसवाल ने बताया कि भारतीय उच्चायोग के सामने पार्किंग की सुविधा से जुड़े कुछ ढांचे हटा दिए गए थे। उन्होंने कहा कि भारत ने पाकिस्तान से इन्हें नहीं हटाने का अनुरोध किया था, लेकिन इसके बावजूद ये ढांचे हटा दिए गए।
इसके बाद भारत ने इसे आनुपातिक कार्रवाई बताते हुए दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर वाली लेन में मौजूद कुछ अस्थायी ढांचों को हटा दिया।
जायसवाल ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के प्रस्तावित भारत दौरे को लेकर कोई नई जानकारी देने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि इस मामले पर फिलहाल उनके पास कहने के लिए कुछ नहीं है। जायसवाल ने कहा कि अगर कोई अपडेट मिलता है तो वह साझा किया जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के संभावित भारत दौरे को लेकर कूटनीतिक हलकों में चर्चा बनी हुई है।
विदेश मंत्रालय ने समुद्री डकैती से जुड़ी खबरों के बीच दो विदेशी-ध्वज वाले जहाजों पर सवार भारतीय नाविकों को लेकर अहम जानकारी दी। जायसवाल के मुताबिक, दोनों जहाजों पर कुल 22 भारतीय नागरिक चालक दल के सदस्य के तौर पर मौजूद हैं। इनमें एक जहाज पर 16 और दूसरे जहाज पर छह भारतीय हैं। उन्होंने कहा कि अब तक मिली जानकारी के अनुसार सभी 22 भारतीय सुरक्षित हैं।
जायसवाल ने कहा कि विदेश मंत्रालय इस मामले में संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा एवं कल्याण सुनिश्चित करने के लिए स्थिति पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि आगे कोई जानकारी मिलने पर उसे साझा किया जाएगा।
विदेश मंत्रालय के एक्सटर्नल पब्लिसिटी एंड पब्लिक डिप्लोमेसी यानी ढऊ डिवीजन के शास्त्री भवन से नए परिसर में स्थानांतरण को लेकर भी जायसवाल ने बात की। उन्होंने कहा कि मंत्रालय के अधिकारियों और मीडिया के बीच शास्त्री भवन में दशकों से बातचीत और संपर्क रहा है, इसलिए वहां की यादें हमेशा जुड़ी रहेंगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि मंत्रालय नए परिसर से भी मीडिया के साथ काम जारी रखने के लिए उत्साहित है।