लखनऊ अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद योगी सरकार एक्शन में

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लखनऊ अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद योगी सरकार एक्शन में है। अग्निकांड के मामले में LDA ने सरकार को रिपोर्ट भेजी है। इस रिपोर्ट में 19 इंजीनियर्स और 6 PCS अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया गया है और सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की गई है।लखनऊ की अवैध इमारत में आग लगने से 15 लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। पूरे प्रदेश में कोचिंग संस्थानों की जांच चल रही है और शहर-शहर अभियान चलाया जा रहा है। सूबे में अभी तक 100 से ज्यादा इमारतें सील की जा चुकी हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने साफ शब्दों में कह दिया है कि फायर सेफ्टी मानकों से कोई समझौता नहीं होगा। लखनऊ के अलीगंज की जिस इमारत में 15 लोग जिंदा जले उसे अब गिराने की तैयारी की जा रही है। इस मामले में अब अधिकारियों के खिलाफ भी एक्शन लेने की तैयारी की जा रही है।25 अधिकारियों पर कार्रवाई की सिफारिश
लखनऊ अग्निकांड को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी LDA की जांच रिपोर्ट में 19 इंजीनियर्स और 6 PCS अधिकारियों की लापरवाही उजागर हुई है। इन सभी इंजीनियर्स और PCS अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश की गई है। इस जांच रिपोर्ट की जानकारी LDA उपाध्यक्ष ने मीडिया को दी है।लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी और फायर डिपार्टमेंट की टीम ने कार्रवाई करते हुए बुधवार को बड़ा जांच अभियान चलाया। LDA ने कार्रवाई करते हुए 15 कोचिंग बिल्डिंग को सील कर दिया है। सुरक्षा मानक पूरे ना होने की वजह से LDA ने ये बड़ी कार्रवाई की है।लखनऊ में आग लगने की घटना पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा- “लखनऊ की जो दुर्घटना है, उसे हमारी सरकार ने बहुत ही गंभीरता के साथ लिया है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए, ऐसी सभी इमारतों में, जहां अधिक संख्या में लोग रहते हैं या जाते-आते हैं, उन सभी जगहों पर कड़ाई से अग्नि सुरक्षा के उपायों का पालने करने केलिए कहा गया है और ऐसी सभी इमारतों की पड़ताल करने के निर्देश दिए गए हैं। मैं प्रदेश के लोगों से अनुरोध भी करता हूं कि कृप्या ऐसी सभी इमारतों में अग्निसुरक्षा के उपायों को अपमनाएं और एक दूसरा रास्ता जरूर बनाएं। हम लोगों ने पुलिस अधिकारियों और संबंधित विभाग के कर्मचारियों को आदेश दिए हैं कि वे ऐसी जगहों की सूची बनाकर इस प्रकार के सभी संस्थानों से आग्रह करें कि व्यवस्था करें ताकि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।”