भारत ने अग्नि-3 मिसाइल का किया सफल परीक्षण

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भारत ने अग्नि-3 मिसाइल का किया सफल परीक्षण, जानें इसकी खासियत और मारक क्षमता
भारत ने ओडिशा के चांदीपुर से अग्नि-3 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। 3,000–3,500 किमी रेंज वाली यह परमाणु-सक्षम मिसाइल पाकिस्तान और चीन के अहम ठिकानों को कवर करती है भारत ने शुक्रवार को ओडिशा के चंदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-3 का सफल परीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि इस परीक्षण में सभी ऑपरेशनल और तकनीकी पैरामीटर पूरी तरह से उम्मीद के मुताबिक रहे। बता दें कि इस मिसाइल की लॉन्चिंग स्ट्रैटेजिक फोर्सेस कमांड की देखरेख में की गई। अग्नि-3 एक परमाणु-सक्षम या न्यूक्लियर कैपेबल मिसाइल है, जिसकी मारक क्षमता लगभग 3,000 से 3,500 किलोमीटर तक है। इससे भारत दुश्मन देशों के अंदरूनी इलाकों में स्थित महत्वपूर्ण लक्ष्यों को निशाना बना सकता है।
अग्नि-3 की 3,000-3,500 किमी की रेंज पाकिस्तान और चीन के अंदरूनी इलाकों को कवर करती है, जिसमें पाकिस्तान के सभी प्रमुख शहर और चीन के बीजिंग और शंघाई जैसे शहर शामिल हैं। इस तरह देखा जाए तो भारत की जद में इन दोनों देशों के प्रमुख टारगेट्स हैं। चीन से भी ज्यादा यह मिसाइल पाकिस्तान को टेंशन देती है क्योंकि न सिर्फ यह उसके सभी शहरों पर कहर ढाने की क्षमता रखती है बल्कि उसके पास इसका कोई तोड़ ही नहीं है। अग्नि-3 को दुनिया की सबसे ताकतवर मिड रेंज मिसाइलों में गिना जाता है।अग्नि-3 भारत की मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है। यह दो-चरण वाली ठोस ईंधन वाली मिसाइल है, जिसकी लंबाई 16.7 मीटर, व्यास 2 मीटर और लॉन्च वजन 48,300 किलोग्राम है। यह 1,500 किलोग्राम तक का पेलोड ले जा सकती है, जिसमें न्यूक्लियर या ट्रेडिशनल वारहेड शामिल हैं, और इसकी उड़ान ऊंचाई 450 किमी से ज्यादा है। DRDO द्वारा विकसित, यह रेल-मोबाइल और रोड-मोबाइल प्लेटफॉर्म से लॉन्च की जा सकती है। इसकी सटीकता उन्नत नेविगेशन और गाइडेंस सिस्टम से आती है। 2006 से इसके कई सफल परीक्षण हो चुके हैं, और यह भारत की रक्षा क्षमता का महत्वपूर्ण हिस्सा है।