ओवैसी ने कहा कि उमर खालिद और शरजील इमाम को बेल देने से इनकार करने का आधार वही है जो उन्होंने खुद अपने लोकसभा भाषण में बताया था। उन्होंने UAPA के सेक्शन 43डी का जिक्र करते हुए कहा, इसमें बिना चार्जशीट के 180 दिनों तक हिरासत में रखने की अनुमति है। इसी के तहत अल्पसंख्यकों को अधिकतम दिन तक जेल में रखा जा रहा है।’मैंने कहा था कि जमीनी हकीकत यह है कि सच और उम्मीद में बहुत बड़ा अंतर है। वर्दीधारी आदमी नफरत की भावना रखता है। मुस्लिम अक़्लियात के अनुसार यह एक सच्चाई है। मैं पूरे भरोसे के साथ कह सकता हूं कि उनको 180 दिनों के लिए हिरासत में लिया जाएगा।’ओवैसी का यह बयान, सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की तरफ से उमर खालिद और शरजील इमाम की बेल अर्जी खारिज करने के बाद आया है। यह केस, 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश से जुड़ा हुआ है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मीरान हैदर, गुलफिशा फातिमा, शिफा उर रहमान, शादाब अहमद और मोहम्मद सलीम खान को जमानत दे दी है।ओवैसी ने उमर खालिद-शरजील की बेल ना होने का कांग्रेस को बताया जिम्मेदार, जानें ऐसा क्यों कहा?उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत खारिज होने का जिक्र करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कांग्रेस पर जुबानी हमला बोला है। जानें ओवैसी ने कांग्रेस को इसका जिम्मेदार क्यों ठहराया? AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने Unlawful Activities (Prevention) Act के कड़े प्रावधानों के लिए कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने UAPA में संशोधन करने में कांग्रेस के कथित रोल की जमकर आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पी. चिदंबरम केंद्रीय गृह मंत्री थे, तब कांग्रेस ने UAPA में संशोधन किया था। इसी वजह से उमर खालिद और शरजील इमाम सहित तमाम अंडरट्रायल कैदियों को लंबे समय तक जेल में रखा जा रहा है।धुले के कार्यक्रम में बोलते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट ने 2 अंडरट्रायल आरोपियों को बेल नहीं दी और कोर्ट ने जमानत न देने की वजहों का स्पष्टीकरण भी दिया। कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में UAPA में संशोधन किया गया था और उसमें आतंकवाद की परिभाषा को शामिल किया गया था।’











