अरावली पर जारी विवाद पर आया पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव का बयान, प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कर दीं कई बातें
अरावली पर्वतमाला की सुरक्षा को लेकर जारी विवाद के बीच पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव का बयान सामने आ गया है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मुद्दे पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है।अरावली पर्वतमाला की सुरक्षा की मांग को लेकर बड़े स्तर पर विवाद जारी है। कांग्रेस का आरोप है कि बड़े पैमाने पर खनन की अनुमति देने के लिए अरावली की परिभाषा में बदलाव किया गया है। हालांकि, सरकार ने कांग्रेस के इस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। सोमवार को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने अरावली पर जारी विवाद के बीच बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस की है और साफ कर दिया है कि अरावली के मुद्दे पर भ्रम फैलाया गया है। आइए जानते हैं कि इस मुद्दे पर पर्यावरण मंत्री ने क्या कुछ कहा है।पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने अरावली पर्वतमाला के मुद्दे पर जानकारी देते हुए कहा- “अरावली के कुल 1.44 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में मात्र 0.19% हिस्से में ही खनन की पात्रता हो सकती है। बाकी पूरी अरावली संरक्षित और सुरक्षित है।”पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा- “अरावली पहाड़ को लेकर जो कोर्ट का आदेश हैं उसमे जो टॉप मीटर का विषय हैं, वो उस स्टेज का मिनिमम स्टेज हैं। मैं क्लियर कर दूं कि एनसीआर में माइनिंग की इजाजत नहीं है, इसलिए सवाल पैदा हीं नहीं होता। फैसले में ये भी कहा गया है कि नई लीज माइनिंग नहीं दी जाएगी। अरावली का जो कोर एरिया हैं, वहां माइनिंग की अनुमति हीं नहीं हैं।”











