बीआर गवई भारत के मुख्य न्यायाधीश के पद से रिटायर हो गए हैं। वहीं, सोमवार को जस्टिस सूर्यकांत ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया/CJI के पद की शपथ ले ली है और अपना पद संभाल लिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में उन्हें पद की शपथ दिलाई। इस मौके पर पीएम मोदी समेत कई और नेता राष्ट्रपति भवन में मौजूद थे। वहीं, CJI के रूप में जस्टिस सूर्यकांत का शपथ ग्रहण पूरा होने के बाद पूर्व CJI बीआर गवई ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसकी जमकर तारीफ हो रही है। पूर्व CJI बीआर गवई ने जस्टिस सूर्यकांत के शपथ ग्रहण समारोह के बाद राष्ट्रपति भवन में उनके लिए सरकारी कार छोड़ दी और वहां से अपने निजी वाहन से रवाना हुए।
रिटायर होने के बाद पूर्व CJI बीआर गवई ने किया ऐसा काम, जमकर हो रही तारीफ, कायम की मिसाल
पूर्व CJI बीआर गवई ने सोमवार को अपने उत्तराधिकारी न्यायमूर्ति सूर्यकांत के शपथ ग्रहण समारोह के बाद राष्ट्रपति भवन में उनके लिए आधिकारिक मर्सिडीज-बेंज कार छोड़ दी। आइए जानते हैं कि उन्होंने ऐसा क्यों किया।पूर्व CJI बीआर गवई ने सोमवार को एक नई मिसाल कायम कर दी है। नए CJI सूर्यकांत के शपथ ग्रहण समारोह के समाप्त होने के बाद बीआर गवई CJI के लिए निर्धारित सरकारी वाहन (आधिकारिक मर्सिडीज-बेंज कार) छोड़कर एक वैकल्पिक वाहन में राष्ट्रपति भवन से वापस लौटे। उन्होंने ऐसे इसलिए किया ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनके उत्तराधिकारी CJI सूर्यकांत सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए सरकारी वाहन का उपयोग कर सकें।जस्टिस सूर्यकांत ने सोमवार को भारत के 53वें प्रधान न्यायाधीश के तौर पर शपथ ली है। आपको बता दें कि जस्टिस सूर्यकांत को 30 अक्टूबर को अगला प्रधान न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। वह लगभग 15 महीने तक CJI के पद पर रहेंगे और नौ फरवरी 2027 को 65 वर्ष की उम्र होने पर यह पद से रिटायर होंगे। CJI सूर्यकांत का जन्म हरियाणा के हिसार जिले में 10 फरवरी, 1962 को एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। वह एक छोटे शहर के वकील से देश के सर्वोच्च न्यायिक पद पर पहुंचे हैं। उन्होंने साल 2011 में कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से कानून में स्नातकोत्तर में ‘प्रथम श्रेणी में प्रथम’ स्थान प्राप्त करने का गौरव भी हासिल किया है।











