एजेंसी समाचार
बरेली। बरेली में पुलिस ने शनिवार को बवाल के आरोपी मौलाना तौकीर रजा खां समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इस संबंध में एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि शुक्रवार को नमाज के बाद अलग-अलग जगहों पर हिंसक प्रदर्शन हुआ। इसमें अब तक कुल 10 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें करीब 125 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि ढाई से तीन हजार अज्ञात आरोपी हैं। एसएसपी ने बताया कि कोतवाली में पांच, बारादरी में दो, थाना किला, प्रेमनगर और कैंट में एक-एक एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने मौलाना तौकीर रजा समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। पुलिस 39 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस पर पथराव करने वाले आरोपियों को चिह्नित किया जा रहा है। बवाल के करीब दो हजार आरोपी बताए जा रहे हैं।
डीआईजी अजय कुमार साहनी ने कहा कि अब सारी चीजें सामान्य हैं। बवाल के मामले में अब तक कुल दस एफआईआर दर्ज की गई हैं। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। अभी तक कुल 39 लोगों को चिह्नित किया गया है। मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर मौलाना तौकीर रजा खां का नाम सामने आया है। मौलाना समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। घटना की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया जाएगा।
डीआईजी ने कहा कि व्हाट्सएप ग्रुप से पहले मैसेज जारी किए गए, फिर उनका खंडन किया गया। लोगों को मैसेज करके भड़काया गया। मौके पर जो लोग पहुंचे। उनके पास से भारी मात्रा में हथियार मिले। इन सारे तथ्यों को देखते हुए लग रहा है कि यह सुनियोजित साजिश है। पहले से ही तैयारी करके घटना की गई। फायरिंग और पथराव में 22 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। मौके से खोखे और पेट्रोल की बोतलें भी बरामद हुई हैं।
बवाल के बाद जिले में 48 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। बीएसएनएल क्षेत्रीय कार्यालय के जीएम पंकज पोरवाल ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि शनिवार को सोशल मीडिया पर जो पत्र वायरल हुआ है, वह सही है। हमें आधिकारिक पत्र मिल गया है। शासन के निर्देश पर इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं।
बवाल के बाद मौलाना तौकीर रजा खां ने शुक्रवार रात 10:20 बजे वीडियो जारी किया। मौलाना ने मुसलमानों को मुबारकबाद पेश करते हुए घटना को साजिश करार दिया। कहा कि मैं आशिकाने रसूल को मुबारकबाद पेश करता हूं। ऐसे खतरनाक समय में इश्क-ए रसूल के नाम पर आप लोग आए। हमने अमन का रास्ता इख्तियार किया था।
मौलाना ने कहा “मैं वहां जाता, नमाज पढ़ता और ज्ञापन देकर लोगों को घर भेज देता, पर हमेशा की तरह मुझे हाउस अरेस्ट कर लिया”। उनके पीछे झूठे लेटरपैड पर उनके नाम से बयान जारी कर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की गई। मौलाना ने पहले ही अपनी गिरफ्तारी का अंदेशा जता दिया था।











