एजेंसी समाचार
काठमांडू। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद भी नेपाल के कई हिस्सों में मंगलवार को हिंसा जारी रही। प्रदर्शनकारियों ने संसद, राष्ट्रपति कार्यालय, प्रधानमंत्री आवास, सरकारी इमारतों, राजनीतिक दलों के कार्यालयों और वरिष्ठ नेताओं के घरों में आग लगा दी। कर्फ्यू के बावजूद देश के विभिन्न हिस्सों में आगजनी, तोड़फोड़ और लूटपाट की कई घटनाओं के बाद मंगलवार रात से सेना ने सुरक्षा की कमान संभाल ली।
छात्रों के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों में राजनीतिक वर्ग के खिलाफ कई कारणों को लेकर आम लोगों का बढ़ता आक्रोश झलक रहा है, जिसमें सोशल मीडिया पर प्रतिबंध और कथित भ्रष्टाचार जैसे कई मुद्दे शामिल हैं। प्रदर्शनकारी कर्फ्यू और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती के बावजूद काठमांडू और अन्य स्थानों पर एकत्र हुए। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई में कम से कम 19 लोगों की मौत के लिए ओली के इस्तीफे की मांग करते हुए सैकड़ों प्रदर्शनकारियों के उनके कार्यालय में घुसने और नारेबाजी करने के तुरंत बाद ओली ने पद छोड़ दिया।
दल्लू में एक भीड़ ने पूर्व प्रधानमंत्री झलनाथ खनाल के घर में आग लगा दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घर के अंदर फंसी उनकी पत्नी राज्यलक्ष्मी चित्रकार गंभीर रूप से झुलस गईं और उनकी मौत हो गई। खनाल फरवरी 2011 से अगस्त 2011 तक प्रधानमंत्री रहे। प्रदर्शनकारियों ने काठमांडू के कपन स्थित पूर्व वित्त मंत्री और नेपाली कांग्रेस नेता रामसरन महत के घर को भी जला दिया।
आंदोलनकारी समूहों ने सर्वोच्च न्यायालय भवन, सरकार के मुख्य प्रशासनिक परिसर सिंहदरबार, महाराजगंज स्थित राष्ट्रपति कार्यालय और प्रधानमंत्री आवास में आग लगा दी। काठमांडू के तिनकुने इलाके में स्थित कांतिपुर टेलीविजन कार्यालय में भी आंदोलनकारी समूहों ने तोड़फोड़ की और इमारत को आग लगा दी। गौशाला पुलिस चौकी, लुभु पुलिस चौकी और कालीमाटी पुलिस चौकी सहित कई पुलिस चौकियों को भी भीड़ ने आग के हवाले कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने पूर्व प्रधानमंत्री और नेपाली कांग्रेस प्रमुख शेर बहादुर देउबा के पूर्वी काठमांडू स्थित बुधनीलकांठा स्थित घर को भी आग के हवाले कर दिया। उनकी पत्नी के साथ भी मारपीट की। जिसमें वे घायल हो गईं। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में प्रदर्शनकारियों को देउबा और उनकी पत्नी, विदेश मंत्री आरजू राणा को उनके आवास से बंधक बनाते हुए दिखाया गया है। इस झड़प में दंपति को मामूली चोटें आईं और उनके शरीर से खून बहता हुआ दिखाई दे रहा है।
आंदोलनकारियों ने काठमांडू स्थित पांच सितारा होटल हिल्टन में भी आग लगा दी। माना जाता है कि देउबा के बेटे जयबीर का इस होटल में बड़ा हिस्सा है। उन्होंने ललितपुर के खुमालतार स्थित आरजू के स्वामित्व वाले स्कूल में भी तोड़फोड़ की। प्रदर्शनकारियों ने काठमांडू के तोखा स्थित पूर्व प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टाराई के घर में भी आग लगा दी। वहीं सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में उप-प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री विष्णु प्रसाद पौडेल को प्रदर्शनकारियों द्वारा पीछा करते और बाद में उन पर हमला करते हुए दिखाया गया है।
देश में फैली हिंसा के बीच सेना प्रमुख अशोक राज सिगडेल ने एक वीडियो संदेश जारी कर प्रदर्शनकारी समूहों से अपने विरोध कार्यक्रम स्थगित करने और बातचीत शुरू करने का आग्रह किया है। नेपाल सेना ने घोषणा की कि वह मंगलवार रात से सुरक्षा अभियानों की कमान संभालेगी और चेतावनी दी कि हिंसा को रोकने के लिए सभी सुरक्षा तंत्रों को सक्रिय किया जाएगा।
सेना ने कहा, कुछ समूह कठिन परिस्थितियों का अनुचित लाभ उठा रहे हैं और आम नागरिकों और सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।











