लखनऊ। बाईसवां राष्ट्रीय पुस्तक मेला बलरामपुर गार्डन हजरतगंज लखनऊ में अथर्व इण्डिया अंतर्राष्ट्रीय शोध संस्थान लखनऊ द्वारा आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में विख्यात दार्शनिक एवं शिक्षाविद डॉ विद्यासागर उपाध्याय को ‘डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन शिक्षक रत्न सम्मान 2025’ प्रदान किया गया। आयोजक मण्डल द्वारा सम्मान पत्र, अंगवस्त्र, पुष्पहार और बुके भेंट किया गया। आयोजन सचिव डॉ. वी. बी. पाण्डेय ने कहा कि डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने शिक्षा के क्षेत्र में अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति अर्जित किया है। भारतीय दर्शन के अठारह मौलिक ग्रंथों का लेखन और शताधिक उपाधि और सम्मान प्राप्त डॉ विद्यासागर उपाध्याय को आज सम्मानित करते हुए हम गौरवान्वित हो रहे हैं। ग्वांगडोंग विश्वविद्यालय ग्वांग्झू चाइना के हिन्दी पीठाध्यक्ष प्रोफेसर गंगा प्रसाद शर्मा ‘गुणशेखर’ ने कहा कि डॉ. विद्यासागर उपाध्याय को सम्मानित करके यह सम्मान स्वयं सम्मानित हुआ है। आज के युग में एक युवा भारतीय संस्कृति को जीवंत बनाने हेतु भारतीय दर्शन, शास्त्रार्थ और ज्ञान परम्परा को भारत के समस्त प्रदेशों में ही नहीं अपितु भारत की सीमाओं के बाहर तक ले के जा रहा है, तो निश्चित ही सम्मान का पात्र है। सम्मान समारोह में प्रधान न्यायपीठ सचिव उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ श्री महेन्द्र भीष्म, निजी सचिव उप मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार श्री वरुण पाठक, निधि सिंह, पूनम गिरी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी डॉ सत्या सिंह, डॉ मुकुल द्विवेदी, डॉ आग्नेय वार्ष्णेय, सीमा मधुरिमा आदि उपस्थित रहे।अध्यक्षता साहित्यकार डॉ सुरेश अवस्थी और संचालन डॉ मनोहर प्रसाद ने किया।











