अमेरिकी राष्ट्रपति ने 29 बार कहा मैंने सीजफायर कराया, PM मोदी में इंदिरा जितना दम है तो ट्रंप को झूठा कहें- राहुल गांधी

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अमेरिकी राष्ट्रपति ने 29 बार कहा मैंने सीजफायर कराया, PM मोदी में इंदिरा जितना दम है तो ट्रंप को झूठा कहें- राहुल गांधी
ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर का मकसद प्रधानमंत्री की इमेज बचाना था। उनके हाथ पहलगाम में मारे गए लोगों के खून से रंगे हैं। उन्होंने एयरफोर्स का इस्तेमाल अपनी छवि बचाने के लिए किया।
22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमला कैसे किया, इंटेलिजेंस फेलियर कैसे हुआ, आतंकी कहां से आए थे, ऑपरेशन सिंदूर को बीच में क्यों रोका गया और अचानक सीजफायर की घोषणा क्यों की गई? विपक्ष के इन सवालों को लेकर देश की संसद में महाबहस चल रही है। पहलगाम हमला और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि पहलगाम में खौफनाक हमला हुआ। पाकिस्तानी आतंकवादियों ने बर्बरता से मासूम भारतीयों को मारा। इस दौरान हम चट्टान की तरह सरकार के साथ खड़े रहे।
‘हमारे जवान टाइगर हैं, उन्हें फ्रीडम देनी पड़ेगी’
लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा कि शेर को खुला छोड़ना पड़ता है, उसे बांध कर नहीं रखा जा सकता। उन्होंने कहा, सेना को ऑपरेशन के लिए पूरी छूट देनी होगी। हमारे जवान टाइगर हैं, उन्हें फ्रीडम देनी पड़ेगी।
राहुल ने कहा, ”मिलिट्री ऑपरेशन के लिए मजबूत इच्छाशक्ति होनी चाहिए। 1971 में भारत के पास मजबूत इच्छाशक्ति थी। इंदिरा गांधी ने जनरल मानेक शॉ को खुली छूट दी थी। उस समय के जनरल सैम मानेक शॉ ने कहा कि मैं अभी हमला नहीं कर सकता, तब पीएम ने कहा कि आपको जितना समय लेना है लीजिए। फ्रीडम ऑफ ऑपरेशन होना चाहिए। एक लाख से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिकों ने सरेंडर किया, एक नया देश बना।”
राहुल गांधी ने कहा, ”रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कल कहा कि ऑपरेशन सिंदूर 22 मिनट तक चला फिर हमने पाकिस्तान को कॉल किया कि हमने गैर-मिलिट्री टारगेट्स पर हमले किए हैं, हम एस्केलेशन नहीं चाहते।” राहुल ने आरोप लगाया कि रात के 1.35 बजे सरकार ने DGMO से सीजफायर के लिए कहा। आपने उनसे कहा कि हम मिलिट्री टारगेट्स पर हमला नहीं करेंगे, हम सीजफायर चाहते हैं। राहुल ने कहा कि आपने पाकिस्तान को डायरेक्टली अपनी पॉलिटिकल विल बता दी कि आप लड़ना ही नहीं चाहते हो।
राहुल ने कहा, ”हमारे राजनीतिक नेतृत्व ने सेना के हाथ बांध दिए। शुरुआत में ही आपने उनको कह दिया कि न हमारे पास पॉलिटिकल विल है, न ही हम लड़ाई करेंगे, फिर आपने सेना से कह दिया कि जाके लड़ाई करो। सवाल यह है कि जेट गिरे क्यों?” राहुल ने CDS अनिल चौहान के बयान का हवाला देते हुए कहा, ”आपने कोई गलती नहीं की, सेना ने कोई गलती नहीं, गलती राजनीतिक नेतृत्व से हुई और अनिल चौहान में यह जिगरा होना चाहिए कि वे यह साफ-साफ कह सकें कि सरकार ने उनके हाथ बांध रखे थे।”
चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने आगे कहा, ऑपरेशन सिंदूर का मकसद प्रधानमंत्री की इमेज बचाना था। उनके हाथ पहलगाम में मारे गए लोगों के खून से रंगे हैं। उन्होंने एयरफोर्स का इस्तेमाल अपनी छवि बचाने के लिए किया। अमेरिकी राष्ट्रपति का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने 25 बार कहा कि उन्होंने सीजफायर कराया, अगर पीएम मोदी में इंदिरा गांधी जैसी हिम्मत है जो यहां बोल दें। अगर इंदिरा गांधी का 50 प्रतिशत भी है, तो बोल दें।कांग्रेस नेता ने कहा, ”पहलगाम पर किसी देश ने पाकिस्तान की निंदा नहीं की। जबकि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि सभी देशों ने आतंकवाद की निंदा की। पहलगाम हमले के पीछे आसिम मुनीर था और वह डोनाल्ड ट्रंप के साथ लंच कर रहा था। उसने ट्रंप को थैंक्यू कहा।” आगे उन्होंने कहा, ”भारत सरकार ने सोचा कि वह पाकिस्तान से लड़ रही है, लेकिन उन्होंने पाया कि वे तो पाकिस्तान और चीन दोनों से लड़ रहे हैं। पाकिस्तान की आर्मी, एयरफोर्स लगातार चीन से अटैच थी। पाकिस्तानी सेना की डॉक्ट्रिन भी चेंज हो गई, चीनी उन्हें अहम सूचनाएं दे रहे थे। अगर आपको मुझपर भरोसा नहीं तो जनरल राहुल सिंह का बयान सुनिए जो उन्होंने FICCI के इवेंट में दिया।”एक दिन आपके अहंकार को तोड़ने वाले लोग आएंगे- खरगे
इससे पहले राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि लोकसभा के विपक्ष के नेता राहुल गांधी और मैंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की थी, लेकिन पत्र का कोई जवाब नहीं आया। हमारे पत्रों को कचरे के डिब्बे में डाल दिया जाता है। वे इसे पढ़ते भी नहीं हैं। अगर आप में इतना अहंकार है, तो एक दिन आपके अहंकार को तोड़ने वाले लोग आएंगे। यह अच्छा नहीं है। आपके पास एक-दो वाक्य लिखने का समय नहीं है लेकिन लोगों के गले पड़ने की फुर्सत है।