पहलगाम आतंकी हमला: आखिरी वक्त पर आतंकियों ने बदला प्लान, पहले ये टूरिस्ट स्पॉट था निशाने पर
दो दिन की ट्रैकिंग के बाद आतंकवादी बैसरन घाटी पहुंचे। उन्होंने रेकी के बाद बैसरन को नहीं बल्कि किसी और टूरिस्ट स्पॉट को निशाना बनाने का प्लान किया था।।
पहलगाम आतंकी हमले की जांच में नया खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक पहले आतंकी बेताब वैली में हमला करना चाहते थे लेकिन आखिरी वक्त पर उन्होंने अपना प्लान बदला और बैसरण घाटी को निशाना बनाया। सूत्रों के मुताबिक आतंकियों ने पहलगाम के सभी पर्यटन स्थलों की रेकी की थी। आतंकियों ने आडू घाटी, बेताब घाटी और बैसरन की रेकी की थी। इस हमले में पाकिस्तानी आतंकियों के अलावा दो स्थानीय आतंकी और पांच ओवर ग्राउंड वर्कर शामिल थे। सूत्रों के मुताबिक ये लोग पहलगाम के जंगलों में एक हफ्ते से घूम रहे थे।
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बेताब वैली को निशाना बनाने की योजना
सूत्रों के मुताबिक रेकी करने के बाद इन आतंकियों ने बैताब वैली को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। सारी प्लानिंग के बाद आखिरी वक्त में इस योजना को बदल दिया गया और आतंकवादी बैसरन घाटी पहुंच गए। सूत्रों के मुताबिक के लिए इस इलाके से हमला करके भागना आसान लगा। आतंकियों ने अंत तक अपने हमले की प्लानिंग की जानकारी साथी ओवरग्राउं वर्कर और पाकिस्तानी हैंडलर और दो पाकिस्तानी आतंकी के अलावा किसी से शेयर नहीं की थी। दो दिन की ट्रैकिंग के बाद बैसरन पहुंच
सूत्रों के मुताबिक 20 अप्रैल को पाकिस्तानी आतंकियों ने बैसरन की तरफ़ चढ़ाई की और दो दिन के ट्रैक के बाद वे बैसरन के पास जंगलों में पहुंचे। यहां वो स्थानीय आतंकी जिन्होंने रेकी की थी, उससे मिले। उस वक्त वहां ओवर ग्राउंड वर्कर मौजूद नहीं थे। यहा यह ग्रुप दो दिन रहा। इसके बाद 22 अप्रैल को हमले को अंजाम दिया। 22 अप्रैल को आतंकवादियों ने पहलगाम के बैसरन घाटी में पर्यटकों को निशाना बनाया। यहां धर्म पूछ-पूछकर पर्यटकों की हत्याएं की गईं। इस आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत हो गई जबकि 17 घायल हो गए। इस आतंकी हमले की सूचना मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब का दौरा बीच में छोड़कर वापस लौटे और सुरक्षा हालातों को जायजा लिया था।पीएम मोदी ने मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल और तीनों सेनाओं के प्रमुखों सहित शीर्ष रक्षा अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने सेना को कार्रवाई की लिए खुली छूट दे दी है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में मोदी ने कहा, ‘‘आतंकवाद को करारा जवाब देना हमारा राष्ट्रीय संकल्प है’’। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने सशस्त्र बलों की क्षमता में पूर्ण विश्वास व्यक्त किया। वहीं भारत-पाक नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की ओर से की जा रही गोलीबारी का भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही है।
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