ओडिशा के ब्रह्मपुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां गंभीर रूप से झुलसे एक पुलिस कांस्टेबल ने अपनी पत्नी और साले पर पेट्रोल डालकर आग लगाने का आरोप लगाया है। कांस्टेबल का यह बयान अस्पताल में इलाज के दौरान सामने आया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।घायल कांस्टेबल की पहचान आशुतोष मृदंगिया के रूप में हुई है। वह छत्रपुर स्थित आरटीओ कार्यालय में मोटर व्हीकल कांस्टेबल के पद पर कार्यरत हैं। फिलहाल उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है और उनकी हालत को देखते हुए उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है।आशुतोष मृदंगिया ने अस्पताल में दिए गए अपने बयान में बताया कि घटना उस समय हुई जब वह अपनी पत्नी संध्या नायक के सरकारी क्वार्टर गए थे। संध्या नायक जिले की पुलिस में कांस्टेबल के रूप में कार्यरत हैं। आशुतोष के अनुसार, क्वार्टर पहुंचने के बाद उनकी पत्नी और उनके भाई ने उन पर हमला कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों ने मिलकर उनके ऊपर पेट्रोल डाल दिया और जब वह वहां से भागने की कोशिश कर रहे थे, तभी उनके साले ने माचिस जलाकर उन्हें आग के हवाले कर दिया।
घायल कांस्टेबल ने बताया कि जैसे ही माचिस जलाई गई, उनके शरीर में आग लग गई और वह अचानक आग की लपटों से घिर गए। अपनी जान बचाने के लिए वह तुरंत घर से बाहर भागे।आशुतोष ने कहा कि आग लगने के बाद वह भागते हुए पास के एक घर में पहुंच गए। वहां मौजूद लोगों ने उनकी हालत देखकर तुरंत मदद की। लोगों ने उन पर पानी की एक बाल्टी डाली, जिससे आग बुझाई जा सकी।उन्होंने बताया कि आग बुझने के बाद वह जमीन पर गिर पड़े। कुछ देर बाद एक एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया। अपने बयान में आशुतोष ने कहा कि आग लगने के बाद वह लगातार अपनी जान बचाने के लिए भाग रहे थे। अगर आसपास के लोगों ने समय रहते मदद नहीं की होती, तो उनकी जान को और बड़ा खतरा हो सकता था।घटना के बाद इलाके में भी इस मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद लोगों का ध्यान इस मामले की ओर गया। कांस्टेबल द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। ब्रह्मपुर पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है।ब्रह्मपुर के एसपी सरावना विवेक एम ने बताया कि प्राप्त शिकायत के आधार पर नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस की टीम और वैज्ञानिक जांच दल मामले की जांच में जुट गए हैं। घटनास्थल और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। फिलहाल इस मामले में किसी भी व्यक्ति को हिरासत में नहीं लिया गया है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद उचित कदम उठाए जाएंगे। आशुतोष मृदंगिया का इलाज अभी जारी है और उन्हें अस्पताल के आईसीयू में रखा गया है। जरूरत पड़ने पर उन्हें किसी अन्य अस्पताल में भी शिफ्ट किया जा सकता है। फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।”इस पूरे मामले में घायल कांस्टेबल ने अपनी पत्नी और साले पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और वैज्ञानिक जांच दल की रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था।











