पहलगाम आतंकी हमले पर आया RSS का बयान, आतंकियों ने पर्यटकों पर बरसाई थीं गोलियां

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पहलगाम आतंकी हमले पर आया RSS का बयान, आतंकियों ने पर्यटकों पर बरसाई थीं गोलियां
RSS ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है। इस आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए हैं और कई अन्य घायल हुए हैं। इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के बदले हुए रूप TRF ने ली है।
पहलगाम: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी कि RSS ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए नृशंस आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है। इस आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई जबकि कई अन्य लोग घायल भी हुए हैं। मृतकों में 2 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं जिनमें से एक संयुक्त अरब अमीरात और दूसरा नेपाल का रहने वाला था। बता दें कि यह 2019 के पुलवामा हमले के बाद कश्मीर घाटी का सबसे घातक आतंकी हमला है। यह हमला पहलगाम से 6 किलोमीटर दूर बैसरन के प्रसिद्ध घास के मैदान, जिसे ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ कहा जाता है, में मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे हुआ।जब संघ की शाखा में आए थे डॉ अंबेडकर, RSS प्रमुख मोहन भागवत ने सुनाया पूरा किस्साआतंकी हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा, ‘जम्मू कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुआ नृशंस आतंकी हमला अत्यंत निंदनीय एवं संतापजनक है। हम घटना में मृत हुए सभी के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं। यह हमला देश की एकता व अखंडता पर प्रहार करने का दुःसाहस है। सभी राजनीतिक दल व संस्थाओं को सारे मतभेदों से ऊपर उठकर इसकी भर्त्सना करनी चाहिए। सरकार सभी पीड़ितों व उनके परिवारों की सहायता की आवश्यक व्यवस्था करे। तथा सरकार इस हमले के लिए ज़िम्मेदार लोगों को दंडित करने हेतु शीघ्र ही उचित कदम उठाए।’‘हमलावरों ने गोली मारने से पहले पीड़ितों के नाम पूछे’
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हथियारबंद आतंकवादी घास के मैदान में घुस आए और भोजनालयों के आसपास, खच्चर की सवारी कर रहे या पिकनिक मना रहे पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। कुछ चश्मदीदों ने बताया कि आतंकियों ने गोली मारने से पहले पीड़ितों के नाम पूछे। हमले के बाद अफरातफरी मच गई, और लोग छिपने के लिए भागे, लेकिन खुले मैदान में कोई सुरक्षित जगह नहीं थी। पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के नए रूप ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ यानी कि TRF ने हमले की जिम्मेदारी ली है। अधिकारियों का मानना है कि आतंकी जम्मू के किश्तवाड़ से कोकेरनाग के रास्ते बैसरन पहुंचे थे।