आपस में ही भिड़ गए आतंकी संगठन जैश और लश्कर! पाकिस्तान की बढ़ेगी मुसीबत, भारत को होगा फायदा?
पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं और भारत को फायदा होने वाला है, क्योंकि खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के दो बड़े आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के बीच जंग शुरू हो गई है
भारतीय खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, पाकिस्तान लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के बीच हाल के समय में बढ़ती फूट ने इन दोनों संगठनों को एक-दूसरे से अलग कर दिया है और दोनों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। एक वरिष्ठ खुफिया अधिकारी के मुताबिक, दोनों आतंकी संगठनों के बीच उपजे मतभेद विचारधाराओं और रणनीतिक लक्ष्यों को लेकर हैं। ऐसा इसलिए कि जैश-ए-मोहम्मद देवबंदी संप्रदाय का अनुसरण करता है, जबकि लश्कर-ए-तैयबा अहल-ए-हदीस विचारधारा से जुड़ा हुआ है। दोनों संगठनों के बीच विचारधाराओं का अंतर है और इसी वजह से दोनों एक साथ काम करने में नाकाम रहे हैं।
पाकिस्तान की बढ़ीं मुश्किलें
पाकिस्तान की सेना इन दोनों आतंकी संगठनों के बीच पड़ी फूट को सुलझाने में असफल रही है। बता दें कि सेना ही इन दोनों समूहों को नियंत्रित करने की कोशिश करती रहती है। भारत के लिए ये दोनों संगठन परेशानी खड़ी करते रहते हैं। जैश-ए-मोहम्मद के सदस्य अब भारत में, विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर में एक्टिव हो रहे हैं, जहां वे भारतीय सुरक्षा बलों को निशाना बना रहे हैं और घुसपैठ की कोशिशें कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, हाल ही में भारत में पकड़े गए आतंकवादियों में से अधिकांश जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हुए थे और उनके पास से पाकिस्तान और चीन के बने हथियार मिले हैं।
भारत को हो सकता है फायदा
खुफिया अधिकारियों का मानना है कि इन दोनों संगठनों के बीच बढ़ते मतभेद का ही परिणाम है कि भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी हाफिज सईद के रिश्तेदार, कारी अब्दु रहमान की कराची में हत्या कर दी गई। इस आंतरिक विवाद का फायदा भारत की सुरक्षा एजेंसियों को मिल सकता है क्योंकि दोनों के बीच बढ़ते विवाद और एक-दूसरे के खिलाफ जानकारी लीक होने से भारतीय सुरक्षा बलों को आतंकवादियों के ठिकानों का पता लगाने में मदद मिल रही है।